CURATED BY – GAURAV SINGHAL | CITYCHIEFNEWS

सहारनपुर, मण्डलायुक्त सहारनपुर डॉ0 हृषिकेश भास्कर यशोद ने जिलाधिकारी मनीष बंसल को ग्राम पंचायत मौहम्मद हुसैनपुर नवादा विकास खण्ड क्षेत्र मुजफ्फराबाद के ग्राम प्रधान द्वारा चोरी से हरे पेड़ काटने के भ्रष्टाचार के सम्बन्ध में ग्राम प्रधान और उस समय तैनात रहे अधिकारी एवं कर्मचारी जो इस प्रकिया में सम्मिलित रहे है की संयुक्त जॉच विजीलेंस से कराने हेतु प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यवाही करने के बाद उन्हें अवगत भी कराया जाए। मण्डलायुक्त सहारनपुर हृषिकेश भास्कर यशोद ने बताया कि शिकायतकर्ता राव सम्मून पुत्र अब्दुल हमीद निवासी ग्राम गुडम्ब हुसैनपुर विकास खण्ड मुजफ्फराबाद, तहसील बेहट द्वारा शिकायत की गई थी कि ग्राम पंचायत मौहम्मद हुसैनपुर नवादा विकास क्षेत्र मुजफ्फराबाद के ग्राम प्रधान द्वारा चोरी से हरे पेड़ काटकर भ्रष्टाचार किया गया है। सम्बन्धित प्रकरण की उपजिलाधिकारी बेहट द्वारा जाँच करायी गयी थी जिसमें यह तथ्य प्रकाश में आये है कि खसरा नं0 533/5 के क्षेत्रफल में फसली 1427, 1428 एवं 1429 के अनुसार अर्जुन के 259 हरे पेड, कन्जी के 136 हरे पेड, सिरस के 157 हरे पेड एवं शीशम के 15 हरे पेड कुल 567 पेड दर्ज है। ग्राम प्रधान द्वारा उपजिलाधिकारी बेहट को अनुमति के लिए सूखे पेड काटने का प्रार्थना पत्र दिया गया था। परन्तु प्रार्थना पत्र में पेडों की संख्या का उल्लेख नहीं किया गया था। इस संदर्भ में एसडीएम ने एसडीओ फोरेस्ट को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। वन विभाग द्वारा 395 हरे पेडों का मूल्यांकन किया गया। इससे स्पष्ट होता है कि मूल्यांकन में केवल कंजी एवं अर्जुन के पेडों को ही सम्मिलित किया गया था। जबकि ग्राम प्रधान द्वारा मौके से सभी 567 हरे पेड़ काटकर लगभग 50 लाख रूपये का गबन किया गया है। तहसीलदार की जाँच आख्या में ग्राम प्रधान पर चोरी से हरे पेड काटने का आरोप सिद्ध होता है। इसके साथ ही शिकायतकर्ता द्वारा ग्राम प्रधान के विरूद्ध कूटरचित दस्तावेज और चोरी, भ्रष्टाचार एवं गबन की धाराओं में अभियोग दर्ज कराने व गबन किये गये सरकारी धन की वसूली कराये जाने का अनुरोध किया गया है। मण्डलायुक्त ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आये है कि यह भूमि ग्राम समाज की है जिसमें सैकडों की तादात में पुराने पेड लगे थे। शिकायतकर्ता द्वारा गूगल मैप शीट भी लगायी गयी है, जिसमें हरे पेड बडी संख्या में दिख रहे है। ग्राम प्रधान के प्रार्थना पत्र के आधार पर पेड काट दिये गये है। यह पेड कटवाने की क्या आवश्यकता पड़ गयी, इस सम्बन्ध में कोई तथ्य सामने नहीं आया है। संभवता ग्राम सभा द्वारा भी प्रश्नगत पेडों को काटने के सम्बन्ध में कोई प्रस्ताव भी नहीं किया गया। पेड़ काटने से पूर्व इसका आकलन वन विभाग द्वारा 395 हरे पेड़ों का इंगित किया गया है। जबकि खसरा सं0-533/5 में अर्जुन के 259 पेड़, कन्जी के 136 पेड, सीरस के 157 पेड व शीशम के 15 पेड कुल 567 पेड अंकित है। यह विसंगति कैसे हुयी है इसका कोई उल्लेख नहीं है। नीलामी में भी हेर-फेर किया जाना प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है। मौके से सभी पेड काट लिये गये है जिसका तहसील रिपोर्ट में भी स्पष्ट उल्लेख है। शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया है कि उक्त भूमि में पट्टे भी काट दिये गये है जिनकी भी जाँच करायी जानी आवश्यक है।