CURATED BY – GAURAV SINGHAL | CITYCHIEFNEWS

सहारनपुर, जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र द्वारा नेपियर घास के लिए कृषकों से की गयी अपील का असर जनपद में दिखाई दे रहा है। जनपद की सभी तहसीलों में कृषकों द्वारा नेपियर घास का भारी मात्रा में उत्पादन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत सिम्भालकी गुर्जर में कृषक द्वारा 10 बीघा क्षेत्र में नेपियर घास की बुआई की गई है। डॉ0 दिनेश चंद्र ने सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि खेती के लिए उपयुक्त सार्वजनिक भूमि पर नेपियर घास का रोपण कराएं। उन्होंने कहा कि नेपियर घास के रोपण का यह उपयुक्त समय है। उन्होंने जनपद के सभी कृषकों से नेपियर घास के अधिक से अधिक उत्पादन करने की अपील करते हुए अन्य कृषकों को भी प्रेरित करने की बात कही। डॉ0 दिनेश चंद्र ने निर्देशित किया कि चारागाह की भूमि पर अधिक से अधिक नेपियर घास की बुआई की जाए। उन्होंने कहा कि नेपियर घास का उत्पादन वर्ष भर किया जा सकता है। इसके फायदे बताते हुए उन्होने कहा कि नेपियर घास का उत्पादन हरे चारे की निरंतर उपलब्धता के लिए आत्मनिर्भरता, विशेष रूप से पूरे वर्ष निराश्रित एवं आश्रित पशुओं के पौष्टिक आहार के रूप में बेहतर विकल्प है। ये एक पौष्टिक चारा है जोकि न केवल खाद्यान्न आवश्यकता को पूर्ण करेगा बल्कि गौवशों को स्वस्थ रखने में मदद करेगा।

जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र के प्रयासों से कृषक बंधुओ द्वारा जनपद में काफी मात्रा में उत्पादन किया गया है। जिससे इसके रकबे में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है स विगत वर्ष से जनपद की सभी गौशालाओं में भी नेपियर घास की बुवाई की गई थी। जिलाधिकारी डा.दिनेश चन्द्र द्वारा चलाए गए अभियान से आसपास के कृषकों में नवचेतना का प्रवाह हुआ है। नेपियर घास के उत्पादन से गौवंश के संरक्षण एवं भरण भूषण के लिए बेहतर व्यवस्थाएं स्थापित हुई हैं।