जिलाधिकारी ने पर्यावरणीय विकास की रूपरेखा एवं नदियों के पुनर्जीवन के लिए विशेषज्ञों के साथ किया मंथन
जिलाधिकारी ने एक माह में कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश
CURATED BY – GAURAV SINGHAL | CITYCHIEFNEWS
सहारनपुर, जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जनपद में पर्यावरणीय विकास की रूपरेखा एवं नदियों के पुनर्जीवन के लिए मंथन किया गया। जनपद में पानी, नदी, तालाब व मौसम परिवर्तन संबंधी विकास योजना बनाने के लिए जीआईजैड इण्डिया एण्ड भारतीय नदी परिषद के विशेषज्ञों की टीम द्वारा पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया गया।
डीएम मनीष बंसल ने कहा कि आज के समय में पानी का घटता जल स्तर चिंताजनक है। यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया गया और आवश्यक कार्यवाही न की गई तो आने वाले समय में इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने जनपद के जल स्तर को बढाने के लिए हिंडन व नागदेही नदी के संबंध में प्रोजेक्ट बनाने के निर्देश दिए। इसी के साथ ढमोला नदी पर इन सी टू वेटलैंड बनाने एवं सिंघली नदी के पुनरूद्धार पर चर्चा हुई।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि इस पूरे प्रोजेक्ट में सिंचाई विभाग एवं ग्राम्य विकास विभाग अपनी मुख्य भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस माह के अंत तक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ढमोला नदी में सिल्ट सफाई की जाएगी। हिण्डन नदी पर पौधारोपण करने के साथ अतिक्रमण हटाया जाएगा।
इस अवसर पर जी आई जेड के प्रोजेक्ट हेड कृष्ण त्यागी व जगदीश मेनन ने प्रस्तुतीकरण दिया। सिंचाई विभाग के अधिकारी विकास त्यागी ने नदियों के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया। भारतीय नदी परिषद के अध्यक्ष रमन कांत ने सहारनपुर की नदियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, पीडी डीआरडीए प्रणय कृष्ण, समस्त उपजिलाधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, नदी परिषद के विशेषज्ञ सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।