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पन्ना, मध्यप्रदेश का पन्ना जिला वैसे भी शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले में सबसे पिछड़ा हुआ जिला है। मगर यहां पर जो भी टूटी-फूटी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं वह भी यहां के मरीजों को समय पर नहीं मिल पा रही हैं। जिला अस्पताल पन्ना में डायलिसिस सेंटर स्थापित किया गया था, मगर यहां पर तकनीकी खराबी आने पर 15 - 15 दिन तक सुधारने वाले टेक्नीशियन नहीं पहुंच पाते हैं। जिसका खामियाजा जिले के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार के मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। जिला अस्पताल पन्ना में आज से लगभग 4 माह पूर्व ब्लड बैंक में आग लग गई थी जिससे ब्लड बैंक के इलेक्ट्रिकल उपकरण जल गए थे। मगर 4 माह गुजरने के बाद भी ब्लड बैंक की व्यवस्था नहीं सुधारी गई और आज पूरा चार माह गर्मी में रक्त दाताओं को जान जोखिम में डालकर रक्तदान करना पड़ा है। जबकि ऐसा प्रावधान है कि जहां पर रक्तदाता को खून देना पड़े वहां पर वातानुकूलित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लेकिन जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और जिले के जिम्मेदार नेता गरीब मरीजों की व्यवस्था से बेखबर बने हुए हैं। डायलिसिस पीड़ित मरीज उमाप्रसाद रैकवार उम्र 45 वर्ष निवासी रानीगंज मोहल्ला पन्ना ने बताया कि पन्ना जिले में लगभग 1 दर्जन से अधिक ऐसे मरीज हैं, जिनका डायलिसिस जिला अस्पताल पन्ना में हो जाता था। मगर लगभग 15 दिन से वहां की मशीनें खराब होने के कारण उनका डायलिसिस नहीं हो पा रहा है। हालत ज्यादा खराब होने पर मरीजों को रीवा और जबलपुर जाना पड़ रहा है। जहां पर जाने और आने का खर्चा ही 5 से 10 हजार रुपए हो जाता है। इसके अलावा परिवार के लोगों का जो कुकाम अलग से होता है वह अलग है। पीड़ित मरीज उमा प्रसाद रैकवार ने कहा कि डायलिसिस सेंटर को शीघ्र चालू कराया जाए , इसको लेकर जिले के जिम्मेदार विधायक सांसद मंत्रियों से भी मरीज ने आग्रह किया है कि वह भी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को बीच-बीच में आकस्मिक जायजा लेवे ताकि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर बन सके। आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष समाजसेवी राम बिहारी गोस्वामी ने कहा कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को 1 सप्ताह के अंदर दुरुस्त नहीं किया गया तो इसको लेकर पूरे जिले में आम आदमी पार्टी द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जवाबदारी जिला प्रशासन की होगी।