सतना, सतना जिला अस्पताल में रोज 500 से ज्यादा मरीज आते और 400 से अधिक भर्ती रहते हैं, लेकिन इनमें से किसी की सोनोग्राफी करना हो तो, यहां की व्यवस्थाएं बोनी पड़ जाती हैं। आवश्यकता अनुसार डॉक्टर पर्ची पर सोनोग्राफी करवाने का लिख देते हैं और जरूरतमंदों को निजी सेंटर का सहारा लेना पड़ता है। 

अतिआवश्यक सुविधा होने के बावजूद जिला अस्पताल में इतनी बड़ी कमी तब है जब यहां संभाग भर मैहर सतना जिले से मरीज अच्छे उपचार की उम्मीद लेकर यहां आते हैं।

दो-दो महीने में आता है नंबर

गर्भवतियों के लिए समय-समय पर सोनो ग्राफी काफी महत्वपूर्ण होती है। जिला अस्पताल में रोज दर्जनों गर्भवति व प्रसूता भर्ती रहती हैं वहीं जांच के लिए सैकड़ों महिलाएं यहां पहुंचती हैं। इन सभी के लिए महज एक ही सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध है। चरक में औसत रोज 10 से अधिक सोनोग्राफी होती हैं। इनमें अधिकांश प्रसूति संबंधित एमरजेंसी केस शामिल होते हैं। अति आवश्यक नहीं होने पर महिलाओं को सोनोग्राफी के लिए आगामी दिनों की तारीख दे दी जाती है। वेटिंग की स्थिति यह है कि कई महिलाओं को दो-दो महीने बाद की तारीख मिलती है। इसलिए मजबूरी में कई महिलाओं को निजी केंद्रों पर सोनोग्राफी करवाना पड़ती है।  जिसमें 500 से 5000 हजार  खर्चा आता है।