CURATED BY – RAHUL RAIKWAR | CITYCHIEFNEWS

छतरपुर, 22 जनवरी 2024 को श्रीराम मंदिर अयोध्या में स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यकम आयोजित हो रहा है। जिसके पूर्व संस्कृति विभाग द्वारा प्रसारित निर्देशों के अनुक्रम में जिले में कलेक्टर संदीप जी.आर. की निर्देशन में विभिन्न धार्मिक गतिविधियां आयोजित की जा रहीं है। इसी क्रम में खजुराहो में तीन दिवसीय श्रीराम चरित लीला का आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन छतरपुर द्वारा जिलेवासियों से सम्पूर्ण गतिविधियों में शामिल होने तथा अपने घरों में रोशनी और 22 जनवरी को दीपप्रज्जवलन कर दीपावली जैसा मनाने की अपील की गई है। श्रीरामचरित लीला के दूसरे दिवस श्रीहनुमान लीला में भगवान हनुमान के जीवन के उपाख्यानों को 15 दृश्यों में प्रस्तुत किया गया। श्रीहनुमान लीला को भक्ति की लीला के रूप में देखना चाहिये। भारतीय पौराणिक आख्यानों में सबसे बड़े भक्त के रूप में श्रीहनुमान जी का वर्णन अलग-अलग संदर्भों में आता है। अपने बाल्यकाल से ही श्रीहनुमान जी एक लीला की संरचना करते हैं, जिसमें वे सूर्य को निगलते हैं और देवता चिंतित हो जाते हैं। तब सभी देवता उपस्थित होकर श्रीहनुमान जी से प्रार्थना करते हैं और अपनी-अपनी शक्तियां श्रीहनुमान जी को आशीष स्वरूप प्रदान करते हैं। श्रीहनुमान जी का चरित अलग-अलग देव शक्तियों को एक ही चरित में प्रतिस्थापित करने की लीला का आख्यान है। कहा जाता है कि श्रीहनुमान भगवान शिव के अवतार हैं और देवी पार्वती उनकी पूंछ हैं। जब भी श्रीहनुमान जी से किसी भी तरह का दुर्व्यवहार आख्यान में आता है, जहां-जहां उनकी परीक्षा लेने और दंडित करने का किसी चरित के द्वारा प्रयत्न किया जाता है। तब देवी ही क्रोधित होकर अपने नाथ की रक्षा के लिये आगे आती हैं। पूंछ देवी और शक्ति का प्रतीक है। इन अर्थों में यह आख्यान, बहु भक्ति की अवधारणा को कितनी सहजता से प्रकट करता है। इस लीला का निर्देशक राजीव अयाची दमोह द्वारा किया गया। अंतिम दिवस 18 जनवरी  को भक्तिमति शबरी लीला का मंचन सायं 6 बजे से खजुराहो गोल मार्केट के सामने किया जाएगा। आमजनों से श्रीरामचरित लीलाओं को देखने की अपील की गई है।