एमपी के धार में पेयजल की समस्या को लेकर हुआ धरना प्रदर्शन
कांग्रेस प्रवक्ता रेवतीरमन राजूखेड़ी ने ग्रामीणों के साथ कलेक्टर कार्यालय में दिया धरना
Curated by – NAVIN MEHAR | CITYCHIEFNEWS
धार, कलेक्टोरेट स्थित कलेक्टर कार्यालय के बाहर नालछा ब्लॉक से आए ग्रामीणों ने इस भीषण गर्मी में पेयजल संकट की परेशानी दूर करने के लिए प्रदर्शन किया। ग्रामीण अपनी बात रखने के लिए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। लेकिन यहां पर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के नहीं मिलने से नाराज ग्रामीण जमीन पर बैठ गए और प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी भी की। इसकेबाद कलेक्टर मिश्रा ग्रामीणों से मिलने पहुंचे और उनकी समस्या सुनकर तत्काल पीएचई ईई राकेश डावर को मौके पर बुलवाया। मौके पर ही ग्रामीणों की समस्या का निराकरण करने के लिए कहा। इसके बाद ग्रामीण आश्वस्त होकर लौटे।
ग्रामीणों के साथ कांग्रेस के संभागीय प्रवक्ता रेवती रमन राजूखेड़ी भी पहुंचे थे। राजूखेड़ी के नेतत्व में ग्रामीण अपनी समस्या लेकर कलेक्अर मिश्रा से मिलने पहुंचे थे। कलेक्टर बैठक में होने के कारण डिप्टी कलेक्टर समस्या सुनने पहुंचे। लेकिन ग्रामीण कलेक्टर से ही मिलने पर अड़े रहे। साथ ही जमीन पर बैठकर धरना भी दिया। इसके बाद कलेक्टर मिश्रा खुद पहुंचे और बात की। इस दौरान कांग्रेस नेता राजूखेड़ी ने नालछा ब्लॉक के बंगरेड़, कछाल और आमखो में ग्रामीणों को आ रही पेयजल समस्या के बारे में अवगत कराया और निराकरण की मांग की। इस दौरान उन्होंने एक ज्ञापन भी सौंपा।
यह दिया ज्ञापन: ज्ञापन में बताया कि जिले की धरमपुरी विधानसभा के ब्लॉक नालछा के गांवों में जल जीवन मिशन के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग धार द्वारा नल-जल योजनाओं का काम किया गया है। योजनाएं पूरी कर ली गई है, लेकिन धरातल पर लोग पानी के लिए मोहताज है। योजना के तहत टंकियों और पाइप लाइन बिछाई गई है। लेकिन योजना के जरीए ग्रामीणों को पानी उपलब्ध करवाने के लिए पानी का स्त्रोत ही गांव में उपलब्ध नहीं है। सिर्फ योजना के नाम पर करोड़ों रुपए निर्माण पर खर्च कर दिए गए। लेकिन पानी का स्त्रोत देखे बगैर ही टंकियां बनाई गई। जिससे योजना पूरी होने के बाद से अब तक ग्रामीणों को पानी देने का सपना साकार नहीं हो पाया है।
नालछा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बंगरेड़, कछाल, आमखो सहित अन्य गांव में योजना के तहत टंकी का निर्माण कर पाइप लाइन पूरे गांव में बिछाई गई। इस पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी धार द्वारा करोड़ों रुपए खर्च किए गए। लेकिन गांव में टंकी को भरने के लिए कोई पेयजल स्त्रोत उपलब्ध नहीं है। योजना के क्रियान्वयन से पहले इस बात का ध्यान नहीं रखा गया। इस कारण ग्रामीण योजना के पूरी होने के बाद भी पानी के लिए भटक रहे है। ग्राम पंचायत बंगरेड़ व कछाल में टंकियां बनाई गई है, जिससे आसपास के गांवों में पानी देने की योजना थी, लेकिन योजना पूरी तरह फेल हो गई।