प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर केरल का वायनाड जिला जिसे देश का स्वर्ग माना जाता है. ये जिला भीषण बारिश के बीच मंगलवार (30 जुलाई) को प्राकृतिक आपदा का शिकार बन गया. भारी बारिश से कारण यहां भूस्खलन की दर्दनाक घटना सामने आई. इस त्रासदी में अभी तक 280 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. वहीं, 200 से ज्यादा लोग अभी भी लापता है. 150 से ज्यादा लोग घायल हैं जिनका अस्पताल में लगातार इलाज चल रहा है.सेना और NDRF द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है.

NDRF की 4 टीमें कर रही हैं रेस्क्यू ऑपरेशन

इस दर्दनाक घटना को लेकर NDRF DIG मोहसिन शाहिदी ने बताया, ‘इस घटना में 200 से ज्यादा लोगों की मृत्यु हुई है. 200 से ज्यादा लोग घायल हैं, पहले दिन 150 लोगों को बचाया गया था. लोगों को निकाला जा रहा है. ब्रिज टूट गया था, अभी इसे ठीक करने का काम हो रहा है, इसके साथ ही एक मिनी ब्रिज भी बनाया गया है. बचाव कार्य जारी है, NDRF की 4 टीमें मौजूद हैं, आर्मी, DSC, दमकल विभाग, SDRF, एयरफोर्स, कोस्ट गार्ड की पर्याप्त टीमें मौजूद है.’

कभी ऐसा भयानक दृश्य नहीं देखा, बोले CM पिनरायी विजयन
केरल के वायनाड में आई त्रासदी को लेकर मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने बोले, ‘वायनाड में लगातार बचाव अभियान जारी है. हमने धरती पर पहले कभी इस तरह का भयानक दृश्य नहीं देखा’. इसके आगे पिनरायी विजयन ने आपदा में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि केरल के मुंडक्कई और चूरलमाला इलाके पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं.

इसके आगे मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन बोले कि बचाव दलों द्वारा रात-दिन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है और आपदा क्षेत्र से ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है.  दो दिन के बचाव अभियान में करीब 1600 लोगों को बचाया गया है.