दतिया, मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आने से ठीक पहले कांग्रेस ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा कदम उठाते हुए वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब उपचुनाव के दौरान पार्टी के भीतर असंतोष और भीतरघात के आरोप लगातार चर्चा में बने रहे।

कांग्रेस उम्मीदवार कुंवर सिंह घनश्याम ने चुनाव प्रचार के दौरान ही राजेंद्र भारती पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन करने के बजाय राजेंद्र भारती ने भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में काम किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी से कथित तौर पर आर्थिक सहयोग लिया गया, जिसकी शिकायत पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाई गई थी।

घनश्याम सिंह ने इस पूरे मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की थी। शिकायतों पर विचार करने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने राजेंद्र भारती के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित करने का निर्णय लिया।

दतिया की राजनीति का प्रभावशाली चेहरा हैं राजेंद्र भारती

राजेंद्र भारती दतिया जिले की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली नेता माने जाते रहे हैं। वे तीन बार विधायक रह चुके हैं और वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराकर प्रदेश की राजनीति में खास पहचान बनाई थी। उनके पिता स्वर्गीय श्याम सुंदर श्याम भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक रहे थे। इसी राजनीतिक विरासत और क्षेत्र में मजबूत जनाधार के कारण राजेंद्र भारती को दतिया की राजनीति का अहम चेहरा माना जाता रहा है।

अब उपचुनाव के परिणाम से पहले कांग्रेस की इस कार्रवाई को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे पार्टी ने अनुशासन और संगठनात्मक सख्ती का स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है।