दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा
मौन रहकर भी क्रांतियां लाई जा सकती हैं
CURATED BY – DHEERAJ KUMAR AHIRWAL | CITYCHIEFNEWS
दमोह, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा जब बच्चे स्कूल में थे तब यदि यह बीज हम उनमें रोप देते, यदि पढ़ाई के साथ हम उन्हें बता पाए कि यह लाइफ वैल्यु एजुकेशन बहुत इंपॉर्टेंट है, स्कूली शिक्षा के अलावा, तो वृक्ष लगाने के लिए किसी को आवाहन करने की जरूरत नहीं पड़ती, यह अपने आप उनके संस्कारों में आ जाते। उन्होंने कहा नए शैक्षणिक सत्र शुरू हो रहा है इसके लिए एक छोटी सी बुकलेट तैयार कर रहे हैं, जिसमें इस तरह की लाईफ स्कीनस् और लाईफ एजुकेशन पर बच्चों को डेली बेसिस पर कुछ ना कुछ बताया जाएगा।
उन्होंने कहा यदि आपको फोटो खींचने के लिए पेड़ लगाना है तो 10 हजार पेड़ लगा दीजिए और 10 हजार फोटो खिंचवा लीजिए और वहां से आ जाओ, इससे कुछ होने वाला नहीं है, लेकिन यदि वास्तव में आपको उसका संरक्षण करना है तो मुझे लगता है एक पेड़ काफी है। यदि आप एक साल में एक पेड़ लगाते हैं और उसका संरक्षण करते है तो यही काफी है।
उन्होंने कहा यदि प्लास्टिक का बेन मानोगे तो दुनिया को पता नहीं चलेगा, तो आपको उसका क्रेडिट नहीं मिलेगा, तो आपको लगेगा मैंने कुछ किया, दुनिया ने तो देखा ही नहीं लेकिन आप वृक्ष लगाते हैं तो पूरी दुनिया देखती है, आपको क्रेडिट मिलता है आप अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर डालते हैं, की देखियें आज मैंने वृक्ष लगाया है। तो हमें अंतर करना पड़ेगा की मौन रहकर भी क्रांतियां लाई जा सकती हैं, बशर्ते क्रेडिट लेने और प्रसिद्धि पाने की चाहत ना हो। कलेक्टर ने कहा अपनी प्रकृति और अपने परिवार को बचाने के लिए क्या हम इतना कर सकते हैं और इसके लिए मेरा लास्ट पॉइंट यही है की प्रकृति को परिवार का हिस्सा बनाएं, जब तक आप प्रकृति को परिवार का हिस्सा नहीं बनाएंगे, तब तक बाहरी लोग आपको आकर के सिखायेंगे की आपको क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी एस. के. नेमा, जिला परियोजना समन्वयक मुकेश दुवेदी, रामलाल पटेल सहित गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।
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