शहड़ोल, कटनी से शहड़ोल होकर गुमला पहुच नेशनल हाईवे- 43 इंसानों के साथ साथ  जंगली जानवरों के लिए खतरा बना हुआ है।  इस हाइवे में रोजाना सड़क हादसे में किसी न किसी की मौत हो रही है। इसी बीच जिले के अमलाई बटुरा ग्राम के समीप हाइवे में किसी अज्ञात वाहन ने तीन बंदरो को कुचल दिया ,जिससे उनकी मौत हो गई, 
इस सड़क हादसे में एक नर एक मादा व बच्चा बंदर की मौत हो गई,हादसे में बंदरो की मौत के बाद एक अन्य बंदर मृत बंदरो के  शव के नजदीक ही रोता नजर,   उसे बंदर की मौत का यकीन नहीं हुआ तो बार - बार उस बच्चे बंदर को जगाने का प्रयास भी करता रहा। वाहन की टक्कर लगने से मौत के बाद  एक अन्य  बंदर,  बंदरो के शव से  लिपट गया। और  मृत बंदरो को बार- बार जगाने का प्रयास कर रहा था,  इसको को देख वहां मौजूद लोग भावुक हो गए उनकी आंखे नम हो गई...

शहडोल जिले के वन परिक्षेत्र केशवाही के ग्राम बटुरा नेशनल हाईवे में  चार बंदरों का समूह गांव में विचरण कर रहा था , और बंदरों ने नेशनल हाईवे जैसे ही पार किया और किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए , इस सड़क हादसे में एक नर एक मादा व बच्चा बंदर की मौत हो गई, बंदरों की मौत के बाद उसका बंदर साथी मौके पर आकर उन तीनों को जगाने का प्रयास किया बंदर कई घंटे तक बंदरों को जगाने का प्रयास किया पर बंदर नहीं जगे.वहीं बंदरों की मौत की जानकारी वन परीक्षेत्र  के रेंजर को दी गई  वन अमला मौके पर पहुंचकर बंदरों के शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की है । हादसे में बंदरो की मौत के बाद एक अन्य बंदर मृत बंदरो के  शव के नजदीक ही रोता नजर,   उसे बंदर की मौत का यकीन नहीं हुआ तो बार - बार उस बच्चे बंदर को जगाने का प्रयास भी करता रहा। वाहन की टक्कर लगने से मौत के बाद  एक अन्य  बंदर,  बंदरो के शव से  लिपट गया। और  मृत बंदरो को बार- बार जगाने का प्रयास कर रहा था,  इस नाजार को देख वहां मौजूद लोग भावुक हो गए