Curated by- BAGHWAN DAS BERAGI | CITYCHIEFNEWS

शाजापुर। जिले के साइबर सेल प्रभारी भोपाल से शाजापुर लौटते समय उफनती नदी पार करने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन वे नदी पार कर पाते उसके पहले ही वे तेज बहाव में वाहन सहित बह गए। गनीमत रही कि नदी के पास कुछ लोग नदी में बहकर आने वाले सामान एकत्रित कर रहे थे, जिन्होंने इन्हें वाहन से बाहर निकालकर इनकी जान बचाई।

जानकारी के अनुसार जिले के साईबर सेल प्रभारी एसआई अंकित मुकाती शुक्रवार रात करीब 9.30 बजे भोपाल से ट्रेनिंग लेकर शाजापुर लौट रहे थे। जब वे कालीसिंध नदी पहुंचे तो उस पर से पानी बह रहा था। पहले वे बड़ी पुलिया पर पहुंचे लेकिन उसका फिलहाल निर्माण कार्य चल रहा है जिस पर से निकलना अभी संभव नहीं है। इस पर वे छोटी पुलिया पहुंचे लेकिन उस पर से भी बारिश का पानी बह रहा था। उन्होंने फिर भी रिस्क ली और पानी में ही अपना वाहन उतार दिया, लेकिन तेज बहाव के कारण उनका वाहन नदी में बह गया। जब उनका वाहन डूब रहा था तब उसे नीचे नदी से बहते सामान को जमा कर रहे दो युवकों ने देख लिया और नदी में छलांग लगा दी और उनके वाहन के गेट खोलकर उन्हें बाहर निकालकर किनारे पर बैठाया। कुछ देर बाद संभलने के बाद उन्होंने इसकी सूचना जिला मुख्यालय पर की। जहां से वे साइबर के वाहन में बैठकर शाजापुर पहुंचे। इसके बाद सुबह एसडीआरएफ टीम ने उनके वाहन को तलाशने का काम शुरू किया। समचार लिखे जाने तक टीम द्वारा वाहन की सर्चिंग की जा रही थी।

टाॅर्च का सिग्नल देख लेते तो नहीं होता हादसा

इन दिनों कालीसिंध नदी की पुलिया पर निर्माण कार्य चल रहा है जहां से गुजरने वाले वाहनों को रोकने के लिए वहां ठेकेदार ने कुछ लोगों को नियुक्त कर रखा है। जब यह हादसा हुआ वहां ठेकेदार हिरेंद्र ठाकुर भी मौजूद था जिसने उन्हें छोटी पुलिया से गुजरने से मना भी किया था और टाॅर्च से सिग्नल भी दिया था। लेकिन शायद वाहन के कांच बंद होने से उन्हें सिग्नल दिखाई नहीं दिया। यदि वे सिग्नल देख लेते तो यह हादसा नहीं होता।

जान बचाकर हो गए गायब

सामान एकत्रित कर रहे जिन लोगों ने उनकी जान बचाई वे उन्हें किनारे पर बैठाकर फिर अपने काम में लग गए। सुबह श्री मुकाती की जान बचाने वाले दो युवको के बारे में जानकारी भी जुटाने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला।