CURATED BY – GAURAV SINGHAL | CITYCHIEFNEWS

सहारनपुर, भारतीय किसान यूनियन वर्मा व पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश ही नहीं दुनिया का सबसे बड़ा राज्य है। इसलिए उत्तर प्रदेश को चार भागों में बांटकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आठ करोड़ जनता की उन्नति और विकास के लिए 26 जिलों को मिलाकर पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण जरूरी है। उत्तर प्रदेश की जनसंख्या 25 करोड़ है। यहां 75 जिले 80 लोकसभा क्षेत्र हैं और 403 विधानसभा क्षेत्र हैं। बड़ा राज्य होने के कारण उत्तर प्रदेश गरीबी, महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अव्यवस्था की चपेट में है। बड़ा राज्य होने के कारण यहां कानून व्यवस्था चौपट है और यहां पूर्वांचल के लोगों का बोलबाला है। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिले प्रदेश सरकार को 80% राजस्व देते हैं इसके बावजूद भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शिक्षा और चिकित्सा नाममात्र हैं। सारा धन मुख्यमंत्री राजधानी लखनऊ पूर्वांचल और बुंदेलखंड के विकास में खर्च करते रहते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की घोर उपेक्षा की जा रही है। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि जिस दिन पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण होगा उस दिन यहां शिक्षा और चिकित्सा अंतरराष्ट्रीय स्तर की होगी और सभी को नि:शुल्क होगी, सभी शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार होगा और यहां बड़ी-बड़ी इंडस्ट्री लगेगी। पश्चिम प्रदेश में प्रति व्यक्ति वार्षिक आय देश में सबसे अधिक होगी। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में चार राज्य बनाने महाराष्ट्र में विदर्भ राज्य बनाने और देश में अन्य राज्य बनाने के लिए राज्य पुनर्गठन आयोग गठित किया जाए। पृथक पश्चिम प्रदेश निर्माण के लिए किसान, मजदूर, नौजवान, छात्र, व्यापारी, दुकानदार, बुद्धिजीवी और वकीलों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा और इसे बड़ा जनांदोलन बनाना होगा। आज पृथक पश्चिम प्रदेश समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। छोटे-छोटे राज्यों के निर्माण से ही देश की उन्नति संभव है। छोटा राज्य में विकास तेजी से बढ़ेगा और शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। और किसानों मजदूरों और गरीबों की समस्याएं हल होगी। बैठक का संचालन करते हुए प्रदेश महामंत्री आसिम मलिक ने कहा कि पृथक राज्य आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। चार दशक से वकीलों के संघर्ष के बावजूद भी आज तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित नहीं की गई है जो यहां की आठ करोड़ जनता का सरासर अपमान है। दिल्ली और लखनऊ में बैठे हुए बड़े नेता पश्चिम प्रदेश की घोर उपेक्षा कर रहे हैं जिसे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा के नेतृत्व में पृथक राज्य के लिए बड़ा आंदोलन किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता जिला संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह एडवोकेट ने की। बैठक में पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के प्रदेश सचिव मुनेशपाल चौधरी, जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद वसीम जहीरपुर, जिला मंत्री महबूब हसन, हाजी वली मोहम्मद, हाजी साजिद, हाजी सुलेमान, नरेश कुमार एडवोकेट, अजीत सिंह प्रधान, सतीश चौधरी, सुमित वर्मा, आजाद सिंह, जोगिंदर सिंह, हरपाल सिंह, रविंद्र सिंह प्रधान, डॉक्टर यशपाल त्यागी, मांगेराम सैनी ने भाग लिया।