जनसुनवाई में उमड़ा भरोसा: 350 से अधिक आवेदनों पर सुनवाई
राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश
दमोह। मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में 350 से अधिक आवेदनों पर सुनवाई की गई। पंजीकृत 312 आवेदनों के अलावा 30-40 अपंजीकृत आवेदन भी प्राप्त हुए। सभी मामलों की एक-एक कर सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित एवं नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सबसे अधिक आवेदन राजस्व विभाग से संबंधित रहे।
जनसुनवाई के दौरान वर्ष 2001 से लंबित एक दिव्यांगजन के भूमि विवाद का मामला सामने आया। तत्काल रिकॉर्ड की जांच कराई गई, जिसमें संबंधित भूमि मंदिर की सार्वजनिक ट्रस्ट संपत्ति पाई गई। मामले की विस्तृत जांच और नियमानुसार कार्रवाई के लिए संबंधित एसडीएम को निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग के एएनएम और एमपीडब्ल्यू कर्मचारियों ने 'सार्थक ऐप' पर उपस्थिति दर्ज करने में तकनीकी दिक्कतों की शिकायत की। इस पर मौके पर ही ई-गवर्नेंस मैनेजर और सीएमएचओ ने कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया। बताया गया कि कर्मचारी कहीं से भी उपस्थिति दर्ज कर सकते हैं, लेकिन ऐप लोकेशन दर्ज करेगा और ड्यूटी स्थल के अनुरूप होने पर ही उपस्थिति मान्य होगी।
जनसुनवाई में किसानों ने गेहूं और चना उपार्जन का भुगतान लंबित होने की शिकायत भी रखी। प्रारंभिक जांच में पिपरिया चंपत सोसायटी से जुड़े 13 किसानों के भुगतान में वेयरहाउस स्तर पर माल जमा नहीं होने अथवा शॉर्टेज के कारण बाधा सामने आई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि संबंधित सोसायटी के कमीशन से राशि समायोजित कर किसानों का भुगतान शीघ्र कराया जाए।
जनसुनवाई के बाद कहा गया कि प्रशासन का प्रयास प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और प्रभावी निराकरण करना है। बोनी के व्यस्त कृषि सीजन के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों का जनसुनवाई में पहुंचना प्रशासन के प्रति बढ़ते जनविश्वास का संकेत है।
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