आलोट। कारगिल चौराहा स्थित श्री चिंताहरण गणेश मंदिर परिसर में आयोजित पंच दिवसीय श्री चिंताहरण गणेश स्थापना महोत्सव बुधवार को वैदिक रीति-रिवाजों एवं धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हो गया। महोत्सव के समापन अवसर पर दशमी तिथि पर गौरी-गणेश एक कुंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति की गई, जिसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना और हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।

यज्ञाचार्य पं. रुद्राक्ष शर्मा के सान्निध्य में पांच दिनों तक चले धार्मिक अनुष्ठानों में श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां अर्पित कीं। अंतिम दिन पूर्णाहुति एवं महाआरती के दौरान भगवान गणेश के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में गूंज उठा।

महोत्सव के दौरान प्रायश्चित कर्म, हिमाद्री स्नान, मंडप प्रवेश, गणपति पूजन, देव स्थापना, हवन तथा विभिन्न वैदिक अनुष्ठान संपन्न हुए। नवमी तिथि पर भगवान गणेश को 1008 मोदक एवं दूर्वा अर्पित कर विशेष पूजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

पूर्णाहुति के पश्चात आयोजित विशाल भंडारे में नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। बीच-बीच में बारिश होने के बावजूद भक्तों की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। मंदिर परिसर देर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार रहा।

मंदिर पुजारी पं. आशीष शर्मा एवं श्री चिंताहरण गणेश समिति ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, दानदाताओं और नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।

महोत्सव को सफल बनाने में समिति के हरपाल सिंह सोलंकी, दिनेश शुक्ला, विमल जैन, महेंद्र निगम, सुशील तलेरा, महेंद्र सिंह सोलंकी, केडी बैरागी, भंवरलाल पाटीदार एवं मांगीलाल लोहार सहित सभी सदस्यों की विशेष भूमिका रही।