धार,  जिले की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने और तकनीकी दक्षता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना ने आज नोडल शासकीय आईटीआई (ITI), स्थानीय मॉडल स्कूल एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में मूलभूत सुविधाओं, डिजिटल लर्निंग और छात्र कल्याण से जुड़ी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।

आईटीआई धार तकनीकी नवाचार की सराहना

कलेक्टर ने आईटीआई धार के निरीक्षण कर सीएसआर फंड से विकसित अत्याधुनिक लैब्स की प्रशंसा की। उन्होंने प्रदेश की एकमात्र 'इलेक्ट्रिक व्हीकल लैब' (महिंद्रा एंड महिंद्रा) सहित आईटी लैब (सिप्ला फाउंडेशन व इप्का लैब), इलेक्ट्रिकल लैब (श्नाइडर इंडिया), इंडस्ट्रियल पेंटर लैब (महिंद्रा एंड महिंद्रा) और वेल्डर लैब (आयशर मोटर) का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि उद्योगों के सहयोग से छात्रों को वैश्विक स्तर का प्रशिक्षण मिल रहा है, जो उनके भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। संस्था में 100% प्लेसमेंट और 100% प्रवेश के रिकॉर्ड पर उन्होंने पूरी टीम को बधाई दी। साथ ही, बालिकाओं के स्वास्थ्य हेतु इप्का लैब द्वारा प्रदान की गई सेनेटरी पैड व इन्सिनेटर मशीन की पहल को उन्होंने अत्यंत महत्वपूर्ण एवं कल्याणकारी बताया।

मॉडल स्कूल: डिजिटल शिक्षा और छात्रावास प्रबंधन में सुदृढ़ीकरण

कलेक्टर ने मॉडल स्कूल का निरीक्षण कर किया। निरीक्षण के दौरान कंप्यूटर लैब का निरीक्षण कर वहां ट्रेनिंग ले रहे विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों को कंप्यूटर की उपयोगिता समझाई और स्वयं एक्सेल (Excel) पर कार्य करके उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ इंटरेक्टिव फ्लैट पैनल (IFP) के माध्यम से चल रही कक्षा की गतिविधि को देखा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन अन्य स्थानों पर भी IFP उपलब्ध कराए गए हैं, वहां इनका नियमित उपयोग सुनिश्चित कर बच्चों को आधुनिक तकनीक से पढ़ाया जाए। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूल में उपलब्ध नई साइकिलों व पुस्तकों का वितरण नियत समय पर किया जाए।

निरीक्षण के दौरान श्री मीना ने विद्यालय परिसर स्थित छात्रावास का जायजा लिया। छात्रावास में शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई नई रोटी बनाने की मशीन को तत्काल प्रभाव से चालू करने के निर्देश दिए। छात्रावास की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने सभी सीसीटीवी कैमरों को 24×7 चालू रखने के निर्देश दिए। साथ ही, सुरक्षा के दृष्टिगत इन कैमरों के पासवर्ड को नियमित अंतराल पर बदलते रहने की हिदायत दी।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और छात्रावास में पूर्ण सुविधाएँ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया कि इन सभी व्यवस्थाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए और कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।