CURATED BY – DHEERAJ KUMAR AHIRWAL | CITYCHIEFNEWS

दमोह, जिंदगी में सबसे इंपोर्टेंट चीज़ है कुछ बनना, यदि आप कुछ नहीं बनोगे तो फिर आप इस जिंदगी में कुछ भी नहीं हो, इसलिए आपने देखा होगा कि आपके घर में अपने मम्मी-पापा से पूछे वह अपनी कहानी सुनाएंगे वे कहेंगे कि हमारे समय में हमें यह सब करने नहीं मिला है लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए कल बड़े होने के बाद आप भी ऐसा ही कहें इसलिए ईश्वर ने आपको मौका दिया है, अच्छा स्कूल दिया है, पढ़ने का अच्छा वातावरण दिया है। मेरा सभी से आग्रह यही है अपनी जिंदगी का कोई लक्ष्य निर्धारित जरूर करें और कुछ बन कर दिखायें। इस आशय के विचार कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने आज जिले के ग्राम खमरिया बिजौरा के शासकीय एकीकृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित "भविष्य से भेंट" कार्यक्रम में विद्यार्थियों के बीच व्यक्त किये। इस मौके पर कलेक्टर  ने विद्यार्थियों से शैक्षणिक प्रश्न किये और विद्यार्थियों ने जबाव भी दिये। उन्होनें विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का पूर्ण समाधान किया। इस अवसर पर  भावसींग मासाब सहित प्राचार्य और शिक्षकगण भी मौजूद थे।

कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने विद्यार्थियों से कहा हम लोग वर्तमान हैं, आप भविष्य हैं इसीलिए सरकार ने यह कहा था वर्तमान जो है, वह भविष्य से मिलने जाएगा। यानी "भविष्य से भेंट" मतलब हम आपसे मिलने के लिए आएंगे, इसलिए पूरे जिले में, प्रदेश में, हर स्कूल में कई अलग-अलग तरीके से लोग स्कूलों में विद्यार्थियों से मिलने के लिए जा रहे हैं, जो विद्यार्थियों को अलग-अलग टिप्स और मोटिवेट कर रहे हैं, स्कूलों में पढ़ा रहे है, इसका उद्देश्य एक ही था की हर स्कूल के विद्यार्थी सपने देखना सीखें।

कलेक्टर ने विद्यार्थियों से कहा उनको अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना है, वे कहां रहते हैं, किस परिस्थिति में रहते हैं, किस परिवार के हैं, उनकी आर्थिक स्थिति कैसी है, उनकी सामाजिक स्थिति कैसी है यह सभी कुछ भी मायने नहीं रखता है, मायने रखता है सपना की मैंने क्या सपना देखा। केवल सपने देखने से काम नहीं होता है क्योंकि यदि ऐसा होता तो हर आदमी का कोई भी सपना पूरा हो जाता, लेकिन इतनी आसानी से सपने पूरे नहीं होते है। सपना पूरा करने के लिए सपना यदि आप आसमान का देखते हो तो आपके पैर जमीन पर रहना जरूरी है, आप सपना देख रहे हो उसको पाने के लिए आपको बहुत तैयारियां करनी पड़ती है।
कलेक्टर  ने कहा हमने जो सपना देखा है अपनी जिंदगी के लिए, क्या वह सपना पूरा करने की ताकत हमारे अंदर है भी या नहीं, ऐसा तो नहीं कि हम बनना चाहते थे डॉक्टर लेकिन हमने इंजीनियरिंग का सपना देख लिया, तो सपना इस चीज का देखिए जो हम कर सकते हैं जिस पर हमारी रुचि है, जो हमारी समझ के अंदर हैं, जो हम करने के लिए सक्षम है और दूसरी चीज उस सपने को पूरा करने के लिए पूरी ताकत लगाना पड़ेगी, तब जाकर यह सपना पूरा हो सकता है।