अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दो प्रमुख पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वालों में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा शामिल हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं और जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई आगे बढ़ा रही हैं।

हालांकि, इस्तीफों के कारणों को लेकर ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन मामला सामने आने के बाद दोनों पदाधिकारियों पर लगातार दबाव बढ़ने की चर्चा रही है। इस पूरे प्रकरण की जांच अभी जारी है और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अंतिम रूप से दोष तय नहीं किया गया है।

   योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर पलटवार

इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने पहले दिन से ही स्पष्ट कर दिया था कि मामले में निष्पक्ष जांच होगी और "दूध का दूध, पानी का पानी" किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलते ही आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की कि वे करोड़ों रामभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ न करें और यदि किसी के पास कोई ठोस साक्ष्य हैं, तो उन्हें एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत करें।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार किसी भी दोषी को बख्शने वाली नहीं है, लेकिन बिना तथ्यों के आरोप लगाकर जनभावनाओं को आहत करना भी उचित नहीं है। उन्होंने भगवान श्रीराम की मर्यादा का उल्लेख करते हुए संयम और जिम्मेदारी के साथ बयान देने की सलाह दी।

   केजरीवाल ने कहा- चढ़ावे की कथित चोरी महापाप

वहीं, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। अयोध्या में रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने कहा कि मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितता अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि चढ़ावे की चोरी हुई है तो यह "महापाप" है और केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई कर बड़े जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास नहीं होना चाहिए।

केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने भगवान श्रीराम से प्रार्थना की है कि यदि किसी ने इस प्रकार का कृत्य किया है, तो उसे कठोर से कठोर दंड मिले। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग भी दोहराई।

   जांच पूरी होने का इंतजार

राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर एसआईटी की जांच जारी है और विभिन्न पक्षों के बयान सामने आ रहे हैं। फिलहाल किसी भी व्यक्ति को जांच एजेंसियों या न्यायालय द्वारा दोषी घोषित नहीं किया गया है। ऐसे में आरोपों और सिद्ध तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना आवश्यक है, जबकि अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।