राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने सहारनपुर में की मण्डलीय समीक्षा बैठक
एक युद्ध-नशे के विरुद्ध एवं “भिक्षा से शिक्षा की ओर” चलाएं अभियान : डॉ देवेन्द्र शर्मा
CURATED BY – GUARAV SINGHAL | CITYCHIEFNEWS
सहारनपुर, उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ0 देवेन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में सर्किट हाउस सभागार में विभिन्न विभागों के मण्डलीय अधिकारियों के साथ मण्डलीय समीक्षा बैठक आहूत की गयी।
जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चन्द्र, मुख्य विकास अधिकारी शामली विनय कुमार तिवारी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ0 अर्चना द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मुजफ्फरनगर गजेन्द्र कुमार द्वारा संयुक्त रूप से माँ शाकुम्भरी का चित्र एवं अंगवस्त्र भेंटकर मा0 अध्यक्ष का स्वागत किया गया। डॉ0 देवेन्द्र शर्मा द्वारा मिशन वात्सल्य योजना की जानकारी प्रदान करते हुए मण्डल में बाल विवाह की रोकथाम, बाल श्रम की रोकथाम, बाल भिक्षावृत्ति, बाल तस्करी, बाल यौन शोषण पर पूर्णरूप से रोक लगाने हेतु मण्डल के सभी अधिकारियों को कड़ाई से निर्देशित किया तथा अभियान चलाकर जनसामान्य को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होने मण्डल के सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को नशे के विरूद्ध अभियान चलाकर बच्चों को नशा मुक्त करने का प्रयास करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये तथा रेस्क्यू किये गये सभी बच्चों को अनिवार्य रूप से बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा ने सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक कर एक युद्ध-नशे के विरुद्ध संचालित अभियान की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि नशा छोटे-छोटे बच्चों के चेहरे की मुस्कान को समाप्त कर रहा है। जाने अनजाने में किया जा रहा नशा बच्चों का भविष्य खराब करने के साथ ही आगे चलकर क्राइम को भी बढ़ावा देने का कार्य कर रहा है। हम सभी को चाहिए कि टीम भावना के साथ कार्य करते हुए नशे के कारोबार का समूल खात्मा कराएं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के आसपास धूम्रपान की दुकानें ना लगें। बाल विवाह एवं भिक्षावृत्ति पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। उन्होंने विद्यालयों में प्रहरी क्लब बनाकर नशे के बारे में जनजागृति लाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री बच्चों एवं महिलाओं के भविष्य के प्रति काफी संवेदनशील हैं। कोरोना संक्रमण काल से प्रभावित बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का संचालन के तहत जनपद में बच्चों के लालन-पालन के लिए 4000 प्रति माह अभिभावकों के खाते में भेजे जा रहे हैं। कन्या सुमंगला योजना में बेटियों को 25000 की धनराशि का लाभ दिया जा रहा है। अप्रिय दुर्घटना से प्रभावित बच्चियों को रानी लक्ष्मीबाई योजना का लाभ दिया गया है। उन्होंने कहा कि जन सामान्य के सहयोग एवं जागरूकता के माध्यम से हम सभी को चाहिए कि नशे के विरुद्ध अभियान चलाकर बच्चों के चेहरे पर मुस्कान होनी चाहिए। अध्यक्ष द्वारा उ0प्र0 मुख्यमंत्री बालसेवा योजना(सामान्य), स्पॉन्सरशिप योजना, उ0प्र0 मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, पति की मृत्यु के उपरान्त निराश्रित महिला पेंशन योजना से जनसामन्य को अधिक से अधिक लाभान्वित कराने की कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चन्द्र द्वारा अध्यक्ष को सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न लाभार्थीपरक योजनाओं से अधिकाधिक लाभार्थियों को लाभान्वित कराने के सम्बन्ध में अवगत कराया गया। उन्होंने आश्वस्त कराया कि आपके द्वारा दिये गये निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन कराया जाएगा।
जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक कुमार पाण्डेय द्वारा जनपद में संचालित लभार्थीपरक योजनाओं की प्रगति से मा0 अध्यक्ष को जनपद में उ0प्र0 मुख्यमंत्री बालसेवा योजना(कोविड/सामान्य), स्पॉन्सरशिप योजना, उ0प्र0 मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, पति की मृत्यु के उपरान्त निराश्रित महिला पेंशन योजना के विषय में जानकारी प्रदान की गयी तथा बाल विवाह, बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम हेतु कार्यवाही किये जाने की जानकारी प्रदान की गयी।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शामली विनय कुमार तिवारी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ0 अर्चना द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मुजफ्फरनगर गजेन्द्र कुमार, एसपी यातायात सिद्धार्थ वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी सहारनपुर डॉ0 संजीव मांगलिक, मुख्य चिकित्साधिकारी शामली, जिला आबकारी अधिकारी मुजफ्फरनगर राकेश बहादुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहारनपुर नन्दलाल प्रसाद, जिला कार्यक्रम अधिकारी मुजफ्फरनगर संजय यादव, अपर नगर आयुक्त एस0के0तिवारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य उपस्थित रहे।