भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के प्रोजेक्ट "सेफ भोग" के तहत मिला प्रमाण पत्र
दमोह जिले के इन मंदिरो को मिली एफ.एस.एस.ए.आई. भारत सरकार द्वारा मिला ईट राइट प्लेस ऑफ वरशिप- सेफ भोग प्रमाण पत्र
CURATED BY – DHEERAJ KUMAR AHIRWAL | CITYCHIEFNEWS
दमोह, भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण भारत सरकार (एफ.एस.एस.ए.आई.) के प्रोजेक्ट "सेफ भोग" का मुख्य उद्देश्य भारत में विभिन्न धार्मिक तीर्थ स्थलों/पूजा स्थलों पर शुद्ध एवं सुरक्षित प्रसाद एवं भोजन को श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराना है। भोग अर्थात "ईश्वर के लिए आनंदमय एवं स्वच्छ अर्पण" है। इसके तहत सभी पूजा स्थलों में वितरित होने वाला प्रसाद एवं भोजन एवं उसके समीप खाद्य प्रतिष्ठानों को फ़ूड सेफ्टी के तहत फ़ूड लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होता है। इन स्थानों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत विभिन्न प्रावधानों का पालन करना आवश्यक होता है।
दमोह जिले में स्थित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर शुद्ध एवं सुरक्षित प्रसाद एवं भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर द्वारा दिये गये निर्देशों के तहत डी.ओ. खाद्य सुरक्षा प्रशासन राकेश अहिरवाल के मार्गदर्शन में माधवी बुधौलिया खाद्य सुरक्षा अधिकारी के सहयोग से दमोह शहर के घंटाघर स्थित श्री देव जानकी राधा रमण बूंदा बहु मंदिर एवं सिंधी कैंप स्थित श्री झूलेलाल मंदिर को सेफ भोग प्रमाणन हेतु चयनित किया गया था। एफ.एस.एस.ए.आई. ने केंद्रीय ऑडिटर की प्रस्तुत ऑडिट रिपोर्ट अनुसार श्री देव जानकी राधा रमण बूंदा बहु मंदिर एवं श्री झूलेलाल मंदिर को सेफ भोग प्रमाणपत्र जारी किया है। उक्त प्रमाण पत्र 29 फरवरी 2024 से 28 फरवरी 2026 की अवधि तक वैध रहेगा। इसके पूर्व वर्ष 2020 में कुंडलपुर स्थित श्री दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र मंदिर की भोजनशाला को सेफ भोग प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुका है एवं वर्ष 2023 में जेल रोड स्थित श्री शिव शनि हनुमान मंदिर एवं बेला ताल के पास स्थित श्री साईं मंदिर को सेफ भोग प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुका है।
उक्त प्रमाण पत्र की सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में ऑडिटिंग पार्टनर हासिल बोर्ड, लखनऊ, उत्तर प्रदेश, ट्रेनिंग पार्टनर एरोमा शिक्षा एवं सेवा समिति एवं इम्प्लीमेंटेशन पार्टनर फ़ूड सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन दमोह मध्यप्रदेश हैं।