पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के कथित अवैध निर्माण पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके पांच मंजिला सांसद कार्यालय को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। दक्षिण 24 परगना जिले के अमताला-बारुईपुर रोड स्थित इस भवन को गिराने के लिए तीन बुलडोजर लगाए गए। प्रशासन का कहना है कि इमारत अवैध रूप से बनाई गई थी और पूर्व में जारी नोटिस का भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

कार्रवाई शुरू होते ही इलाके में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। सुबह बुलडोजर पहुंचने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता भी घटनास्थल पर पहुंच गए, जिससे तनाव की स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।

जिला प्रशासन का दावा है कि संबंधित भवन का निर्माण आवश्यक स्वीकृतियों और वैध दस्तावेजों के बिना किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके, इसलिए भवन को अवैध मानते हुए कार्रवाई की गई। बताया गया कि इस संबंध में पहले भी नोटिस चस्पा किया गया था, लेकिन निर्धारित समय में कोई जवाब नहीं मिलने पर ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया गया।

यह कार्यालय विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से बंद पड़ा था। इससे पहले डायमंड हार्बर क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस की कई महत्वपूर्ण बैठकों और संगठनात्मक गतिविधियों का संचालन इसी परिसर से किया जाता था।

इस कार्रवाई के साथ पश्चिम बंगाल में अवैध निर्माण और सरकारी जमीनों पर कथित अतिक्रमण के खिलाफ चल रही प्रशासनिक मुहिम ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। राज्य में पूर्व सरकार के दौरान बने कथित अवैध ढांचों और कब्जों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

इसी बीच कोलकाता नगर निगम (KMC) ने भी अभिषेक बनर्जी, उनके परिवार के सदस्यों और उनकी कंपनी 'लीप्स एंड बाउंड्स' से जुड़े नामों पर दर्ज 17 संपत्तियों को लेकर ध्वस्तीकरण नोटिस जारी किया है। नोटिस प्राप्त संपत्तियों में हरीश मुखर्जी रोड स्थित बनर्जी का आवास 'शांतिनिकेतन' भी शामिल है, जिससे यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।