CURATED BY – RAJIV KHARE | CITYCHIEFNEWS

भिलाई, भिलाई स्टील प्लांट में सोमवार को एक बड़ा हादसा हुआ। प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस-5 में अचानक हुए विस्फोट से वहां काम कर रहे श्रमिकों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। विस्फोट के कारण गर्म लोहा (मोल्टन मेटल) चारों तरफ फैल गया, जिससे बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया।
विस्फोट के समय ब्लास्ट फर्नेस-5 में नियमित संचालन चल रहा था। अचानक हुए धमाके से फर्नेस के अंदर जमा गर्म लोहा तेज़ी से बाहर बिखर गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में कुछ श्रमिक झुलस गए हैं।
दुर्घटना के बाद प्लांट प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया।विस्फोट के कारणों की अभी जांच की जा रही है। प्राथमिक तौर पर फर्नेस में दबाव बढ़ने और उपकरणों की खराबी को संभावित कारण माना जा रहा है।
भिलाई स्टील प्लांट पहले भी कई बड़ी दुर्घटनाओं का गवाह बन चुका है। इस हादसे ने पुराने हादसों की यादें ताजा कर दी हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में कर्मचारी घायल हुए थे।अक्टूबर 2018 में भिलाई स्टील प्लांट में गैस पाइपलाइन में विस्फोट हुआ था। इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई थी और 14 से अधिक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए थे।इस हादसे का कारण सुरक्षा मानकों की अनदेखी और उपकरणों की नियमित जांच में कमी को बताया गया था। 2014 में कोक ओवन बैटरी नंबर 11 में आग लग गई थी, जिसमें दो कर्मचारियों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे। इसी प्रकार वर्ष 2013 में ब्लास्ट फर्नेस में गैस रिसाव के कारण बड़ा हादसा हुआ था।इस दुर्घटना में छह कर्मचारियों की मौत हो गई थी।
प्लांट प्रशासन ने वर्तमान हादसे के बाद स्थिति को नियंत्रण में लेने की बात कही है। सेल (Steel Authority of India Limited) और भिलाई स्टील प्लांट के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
हादसे के तुरंत बाद प्रारंभिक कदम उठाते हुए कारणों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।साथ ही निर्णय लिया गया है कि प्लांट के वसभी उपकरणों और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। घायलों और प्रभावित कर्मचारियों के लिए मुआवजे की घोषणा जल्द की जा सकती है।
बार-बार होने वाले हादसों ने भिलाई स्टील प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्लांट में कई मशीनें और उपकरण पुराने हैं, जिनकी समय-समय पर उचित मरम्मत नहीं होती।पहले हुए हादसों की जांच रिपोर्ट में यह पाया गया है कि सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया।कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण की कमी एक प्रमुख कारण है।
भिलाई स्टील प्लांट छत्तीसगढ़ की औद्योगिक रीढ़ है, लेकिन बार-बार होने वाले हादसों से आम जनता और श्रमिकों की सुरक्षा चिंता का विषय बन गई है।लगातार हादसों के कारण कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ऐसे हादसे पर्यावरण और आस-पास के लोगों की सेहत पर भी बुरा असर डालते हैं।
भिलाई स्टील प्लांट जैसे बड़े औद्योगिक संस्थानों में बार-बार होने वाले हादसे सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करते हैं। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि श्रमिकों और उपकरणों की सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाना आवश्यक है। अब देखना यह है कि क्या यह घटना प्लांट प्रशासन को सुरक्षा उपायों में सुधार करने के लिए प्रेरित करेगी, या यह भी पुराने हादसों की तरह जांच और मुआवजे तक ही सीमित रह जाएगी।