CURATED BY – PRADEEP CHOUDHRY | CITYCHIEFNEWS

उत्तर प्रदेश में बीजेपी के खराब प्रदर्शन को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं? एक तरफ जहां अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद भारतीय जनता पार्टी को उम्मीद थी कि उत्तर प्रदेश में तो कम से कम बीजेपी का प्रदर्शन अच्छा रहेगा। लेकिन 80 में से आधी सीटें भी बीजेपी के खाते में नहीं आई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कामकाज को लेकर सवाल उठने लगे हैं! लेकिन सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि डेढ़ दर्जन से ज्यादा टिकट केंद्रीय नेतृत्व में अपनी मर्जी से दे दिए थे. 80 टिकट में से 20 नाम योगी आदित्यनाथ ने उन लोगों के दिए थे जो स्थानीय स्तर पर प्रत्याशी बनाकर जीत सकते थे. लेकिन इन नाम को दर किनार करते हुए केंद्रीय नेतृत्व में अपनी ओर से नाम मैदान में उतारे। उन्हीं में से एक अयोध्या के लल्लू सिंह थे. इसी तरह न जाने कितने "लल्लू" हैं जिनकी वजह से पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि योगी बाबा ने "सहयोग" किया पर भारी मन से किया।

दूसरों को लल्लू समझते थे लल्लू सिंह

अयोध्या में बीजेपी की हार का एक कारण यह भी है कि यहां पर जिस प्रत्याशी को भाजपा ने उतारा वहां फैजाबाद में लल्लू सिंह किसी की नहीं सुनते थे, ना किसी का काम करते थे यहां तक की लोग अगर उनके पास काम लेकर आते थे तो वे उन्हें अपने यहां से रवाना होने को कह देते थे. रही सही कसर अयोध्या में हो रही तोड़फोड़ ने निकाल दी और जातिगत समीकरण भी यहां पर हावी रहे. दरअसल कांग्रेस इस बात को यहां पर मनवाने में सफल रही की राम केवल बीजेपी की नहीं बल्कि सबके है।