CURATED BY – UMESH KUSHWAHA | CITYCHIEFNEWS

सतना, गौर से देखिए इस फोटो को फोटो में जानवी त्रिपाठी इंदिरा कॉलेज की विद्यार्थियों को सदस्य बनाते हुए दिख रही हैं। इस समय भारतीय जनता पार्टी में जितने भी नेता है उन्हें अपना नंबर बढ़ाने की पड़ी हुई है अब वह नंबर जायज तरीके से बढ़ रहे हैं या नजदायत तरीके से बढ़ रहे हैं सदस्य बनाने का तरीका सही है या गलत है इन सब बातों की चिंता कोई नहीं कर रहा है उसे सिर्फ लगा है कि हम अपने नंबर कैसे बढ़ा ले। मेहनत कोई करना नहीं चाहता तोक बंद सदस्य बनना चाहता है भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता अभियान के तहत कायदे से नेताओं को लोगों के घर-घर जाना चाहिए भारतीय जनता पार्टी की रीति नीति बतानी चाहिए उसके बाद उसे सदस्य बनने के लिए प्रेरित करना चाहिए । लेकिन आज की तारीख में घर-घर कौन जाना चाहता है ज्यादातर काम मोबाइल से हो रहा है या ऐसी जगह पर लोग जाकर सदस्य बना रहे हैं जहां तोक बंद सदस्य लोगों को मिल जाए और भारतीय जनता पार्टी की जिला मंत्री जानवी त्रिपाठी भी यही करती हुई दिखाई पड़ रही हैं। जानवी त्रिपाठी के इस कृत्य पर चित्रकूट के पूर्व विधायक ने नीलाशु चतुर्वेदी की सोशल मीडिया टीम ने एक कमेंट किया है भाजपा का सदस्यता अभियान और कितना नीचे गिरोगे साहब ऐसा कहने के पीछे सिर्फ यही वजह है कि कम से कम सरकारी संस्थानों में जाकर या सरकारी संस्थाओं के इर्द-गिर्द तो लोगों की सदस्य स्वीकार करना ही नहीं नहीं बनाना चाहिए। जब जानवी त्रिपाठी की सदस्यता करने वाली फोटो सोशल मीडिया में वायरल होने लगी और चित्रकूट लोग तुम मिस कॉल से के विधायक नीलांशु चतुर्वेदी की सोशल मीडिया टीम ने उसे पर कमेंट किया तो विशाल खबर में जानवी त्रिपाठी से यह त्रिपाठी बना रही है सोशल पूछा की क्या आप इंदिरा कन्या महाविद्यालय में सदस्यता कर रही है उन्होंने कहा कि मैं इंदिरा कन्या महाविद्यालय में नहीं तुम घर के बाहर नहीं हू। नेजा ने जानवी त्रिपाठी से प्रति प्रश्न किया कि आखिरकार आप अभी भले नहीं है लेकिन कभी तो इंदिरा कन्या लोग जबरदस्ती पकड़ के

महाविद्यालय में जाकर सदस्यता की तो उन्होंने सत्ता की खनक में यह जवाब दिया कि जो व्यक्ति 18 साल का है उसे सदस्य बनाया जा सकता है तो क्या कॉलेज के अंदर भी सदस्यता अभियान चल रहा है और चले भी जाए तो कोई बड़ी बात नहीं है क्योंकि कॉलेज में जो प्राचार्य है वह अपने आप में बहुत चर्चित है। जो इनको बहुत दिनों से जानते है वे इनके बारे में बताते हैं कि पहले ये कार्ल मार्केस और लेनिन की माला जपते थे लेकिन प्रदेश में जैसे ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी वैसे ही इन्होंने अपना चोला बदल लिया और इस बोला बदलने से यह फायदा हुआ कि आज की तारीख में यह इंदिरा कॉलेज के प्राचार्य बन गए। अब इंदिरा कॉलेज में कोई भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता कराई भी तो इंदिरा 'कॉलेज के प्राचार्य भला कैसे रोकेंगे रोकना भी नहीं चाहिए बस सरकारी कर्मचारी होने के नाते उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दुपट्टा नहीं ओढ़ा है। जब इतना सब कुछ जानवी त्रिपाठी कॉलेज के आसपास और अंदर कर रही है तो कायदे से उन्हें आमंत्रित करके पूरे कॉलेज की छात्राओं को भारतीय जनता पार्टी का सदस्य बनवा देना चाहिए जो व्यक्ति राजनीति कर रहा है वह व्यक्ति चाल चरित्र चेहरे को कब कैसे तोड़ता मरोड़ता है और बड़ी बेशर्मी के साथ कोई चीज गलत है इसे कोई चाहता फिलहाल भारतीय जनता पार्टी आज की तारीख में विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। बहुत सारे पार्टी के सदस्य बन गए और बहुत सारे लोग इसी तरीके से बनाए जा रहे हैं जिस तरीके से जानवी मीडिया में एक चुटकुला प्रचारित हो रहा है एक दोस्त ने दूसरे दोस्त से पूछा की कुछ दिनों से निकल रहे हो दूसरे दोस्त ने कहा घर से निकलने में बड़ा डर लगता है कहीं भारतीय जनता पार्टी के भाजपा का सदस्य बना दे।