सतना, भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी के जन्म जयंती को सुशासन दिवस के रूप में पूरे देश ने हर्षोउल्लास के साथ मना रहा है वह शांति और एकता के प्रतीक थे.
सतना विधानसभा जिले के विभिन्न आयोजित कई कार्यक्रमों में अटल बिहारी जी का पुण्य स्मरण करते हुए सांसद श्री गणेश सिंह ने कहा कि आजाद भारत के इतिहास में अटल जी एक ऐसे नेता के रूप में पहचान बनाई थी जो सुचिता और राष्ट्र प्रेम के रूप में एक प्रतीक बन गए थे पूरे राजनीति जीवन में उनके ऊपर तिल मात्र का भी आरोप नहीं था और राष्ट्र प्रेम का सबसे ज्यादा उदाहरण देखने को मिला जब वह नेता प्रतिपक्ष थे इंदिरा गांधी जी प्रधानमंत्री थी। और यूएनओ के सम्मेलन में इंदिरा जी उनका नाम प्रस्तावित किया था और वहां जाकर जिस तरह से देश के पक्ष में जो अपने विचार रखे थे यह एक राष्ट्रभक्त ही कर सकता था इसकी प्रशंसा पूरे देश भर में हुई स्वयं इंदिरा जी ने उनका राष्ट्र प्रेम देखकर अभिभूत हुई थी अटल जी स्वयं में एक दार्शनिक व्यक्ति थे एक ऐसा भी वाक्य आया जब एक वोट से उनकी सरकार गिर गई और संसद में भाषण देते हुए उन्होंने कहा था कि सरकार आएगी और जाएंगे लेकिन देश का लोकतंत्र बचना चाहिए और वह चाहते तो अपनी सरकार बचा सकते थे लेकिन उनका नैतिक चरित्र था सबके चलते उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए सरकार का इस्तीफा दे दिया ऐसी घटनाएं इतिहास में कभी-कभी देखने को मिलती हैं अटल जी का हृदय कवि सम्राट था और उनकी सोच हर संभावनाओं के परे थी जब तक वह धरती रहेगी अटल जी हमेशा याद रहेंगे।
आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वह सभी कार्यों पर समीक्षा कर एक अलग दिशा जो सम और सुरक्षित दिशा की ओर ले जा रहे हैं सांसद श्री सिंह कहते हैं  कि अटल जी प्रधानमंत्री रहते जो काम शुरू किया था उसको उसे मूर्त रूप देते हुए मोदी जी ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं यह विचारधारा की जीत है।