पटना, बिहार में विधानसभा की चार सीटों (तरारी, रामगढ़, बेलागंज, इमामगंज) पर होने वाले उपचुनाव प्रचार के आखिरी दौर पहुंचते ही नेताओं के बोल बिगड़ने लगे हैं। सत्ता पक्ष के साथ ही विपक्षी नेताओं की जुबान फिसलने लगी है।
दरअसल, राजद के बक्सर से सांसद सुधाकर सिंह की रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के चुनावी जनसभा में जुबान फिसल गई। सुधाकर ने गड़बड़ी करने वाले विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि पिछली बार की तरह इसबार विरोधियों ने कोई गुंडई की तो छोड़ेंगे नहीं। तीन सौ बूथों पर हमारे लोग तैयार रहेंगे और गुंडई करने वालों को लाठी से पिटवाएंगे।

श्रम संसाधन मंत्री संतोष सिंह ने क्या दिया जवाब
सांसद के बोल पर भाजपा नेताओं में जवाब देने की होड़ मच गई। विपक्षी दल के सांसद की चेतावनी को आड़े हाथों लेते हुए राज्य सरकार के श्रम संसाधन मंत्री संतोष सिंह ने दो कदम आगे बढ़कर चुनौती दे दी।

दोनों नेता स्थानीय होने के साथ एक ही समुदाय के जनप्रतिनिधि हैं। ऐसे में समर्थकों के बीच सांसद और मंत्री के वार-पलटवार के बाद कड़वाहट बढ़ गई है।

ललन सिंह ने भी दिया था ये बयान 
उधर, इससे पहले बेलागंज विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री ललन सिंह ने बिना नाम लिए जहानाबाद सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव को दानव बताया था।
कहा था कि बहुत दिनों तक आपलोगों ने बेलागंज में गुलामी सही है। अब दानव से बेलागंज को मुक्त कराना है। बेलागंज के बाबा कोटेश्वर स्थान में माथा टेककर इस दानव से मुक्ति दिलाएंगे।
उन्होंने कहा था कि बेलागंज को दानव से मुक्त कराने की जरूरत है। नीतीश कुमार के राज्य में किसी को डरने की जरूरत नहीं है। सीना ठोककर कहिए कि तुमको वोट नहीं देंगे, जो बिगाड़ना है बिगाड़ लो।
वहीं, जेडीयू प्रवक्ता व पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि बेलागंज की जनता पहले बाप का झोला ढोया है। अब बेटा का भी झोला ढोएगा क्या? इस बार ऐसा तीर चलाइए कि लालटेन चकनाचूर हो जाए। तभी लंपट राजनीत खत्म होगी।
उपचुनाव में सभी चार सीटों पर एनडीए जीत की ओर अग्रसर : राजीव रंजन 
उधर, जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने रविवार को यह दावा किया कि बिहार में जिन चार विधानसभा सीटों पर उप चुनाव हो रहा उनमें सभी पर एनडीए जीत की ओर अग्रसर है। एनडीए प्रत्याशियों को ऐतिहासिक विजय मिलेगी।
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि राजद सहित आईएनडीआईए के घटक दलों के झूठे वायदे को नकार कर लोग विकास, स्थायित्व, निरंतरता और सामाजिक सौैहार्द्र को केंद्र में रखने के साथ-साथ नीतीश सरकार की अनगिनत उपलब्धियों के आधार पर वोट करने जा रहे।
नीतीश कुमार के नेतृत्व में सड़कों, पुल, फ्लाईओवर के साथ-साथ राज्य में अन्य आधारभूत संरचनाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। वहीं हर घर बिजली, पीने का पानी एवं शौैचालय जैसी बुनियादी आवश्यकताओं को भी सरकार ने पूरा किया है।
नौकरियों व रोजगार देने के सवाल पर नीतीश कुमार की सरकार ने अपने वायदे को अमलीजामा पहनाया। न्याय के साथ विकास का बिहार मॉडल सर्वश्रेष्ठ है.