CURATED BY – CHANDAN KUMAR CHAUBEY | CITYCHIEFNEWS

नीतीश सरकार ने 2 दिन पहले कैबिनेट बैठक में पंचायती राज विभाग को लेकर बड़ा फैसला लिया था. 15 लाख से कम की राशि के भी काम टेंडर से कराने का फैसला लिया था लेकिन अब सरकार अपने फैसले पर यू टर्न लेती दिख रही है. कैबिनेट में लिए गए फैसले से मुखिया पर लगाम लगाने की कोशिश सरकार करने वाली थी लेकिन मुखिया संघ की नाराजगी को देखते हुए पुनर्विचार करने का फैसला लिया है. इसकी जानकारी पंचायती राज विभाग के मंत्री केदार गुप्ता ने दी.

सरकार ने फैसला लिया कि छोटी-छोटी योजनाओं के लिए ग्राम पंचायत व पंचायत समिति स्तर पर 15 लाख रुपए तक की लागत वाली योजनाओं का सीमित निविदा के माध्यम से एवं अन्य सभी कार्य खुली निविदा के माध्यम से कराए जाएंगे. कैबिनेट में लिए गए फैसले का सीधा असर मुखिया और प्रमुख पर पड़ने वाला था. उनके वित्तीय अधिकार पर लगाम लग जाता. इसी के बाद मुखिया संघ ने इस पर अपनी नाराजगी जताई थी और आंदोलन की बात कही.