छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई
30 नक्सली ढेर, एक जवान शहीद
CURATED BY – RAJEEV KHARE | CITYCHIEFNEWS
रायपुर, छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में गुरुवार को सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान में अब तक की सबसे बड़ी सफलता दर्ज की। बीजापुर और कांकेर जिलों में हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 30 नक्सली मारे गए, जबकि एक जवान शहीद हो गया। यह अभियान राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा था, जिसमें सुरक्षा बलों को महत्वपूर्ण कामयाबी मिली है।
बीजापुर में तगड़ा झटका: 26 नक्सली ढेर, एक जवान शहीद
बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र में सुबह करीब 7 बजे सुरक्षा बलों की टीम नक्सल विरोधी अभियान पर थी, जब नक्सलियों से आमना-सामना हुआ। इसके बाद घंटों चली मुठभेड़ में 26 नक्सली मारे गए, जिनमें से 15 महिला नक्सली थीं। इस ऑपरेशन में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) का एक जवान शहीद हो गया।
कांकेर में भी बड़ी सफलता, 4 नक्सली मारे गए
दूसरी मुठभेड़ कांकेर-नारायणपुर सीमा पर हुई, जहां सुरक्षा बलों ने 4 नक्सलियों को मार गिराया। इस अभियान में बीएसएफ और राज्य पुलिस के जवानों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। मौके से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं।
बस्तर IG ने दी जानकारी, सर्च ऑपरेशन जारी
बस्तर रेंज के IG सुंदरराज पी. ने बताया कि घटनास्थल से ऑटोमैटिक हथियार और अन्य नक्सली सामग्री बरामद हुई है। इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है और यह संख्या बढ़ सकती है।
सरकार की प्रतिक्रिया, नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक मोड़
इस बड़ी कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा बलों को बधाई देते हुए कहा कि यह नक्सल मुक्त भारत अभियान की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने दोहराया कि सरकार 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने के संकल्प पर अडिग है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “नक्सलवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई पूरी मजबूती से जारी है। बीजापुर और कांकेर में सुरक्षाबलों ने जो सफलता हासिल की है, वह राज्य में शांति और स्थिरता स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
नक्सलियों के खिलाफ यह सबसे बड़ी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों से नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। बीते सालों में नक्सली वारदातों में कमी आई है, और यह ऑपरेशन उनकी कमजोर होती स्थिति को दर्शाता है।
500 जवानों ने 7 घंटे तक चलाया अभियान
इस ऑपरेशन में 500 से अधिक जवानों ने हिस्सा लिया और यह अभियान करीब 7 घंटे तक चला। सुरक्षाबलों की इस बड़ी कार्रवाई से नक्सलियों को गहरा झटका लगा है और इससे नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा की स्थिति मजबूत होगी।
नक्सलवाद के अंत की ओर एक और कदम
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है। बीते वर्षों में सरकार और सुरक्षाबलों के समन्वित प्रयासों से नक्सली गतिविधियों में कमी आई है, और इस अभियान से उनके नेटवर्क को और कमजोर करने में मदद मिलेगी।
(राजीव खरे ब्यूरो चीफ छत्तीसगढ़)