मेरठ, मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला कारागार की बैरक नंबर 12ए इन दिनों खास चर्चा का केंद्र बनी हुई है। यह कोई सामान्य बैरक नहीं, बल्कि उन महिलाओं की बैरक है जिन पर अपने ही सबसे करीबी रिश्तों को खत्म करने के गंभीर आरोप हैं। कभी परिवार की जिम्मेदारी संभालने वाली ये महिलाएं आज सलाखों के पीछे अपने फैसलों और आरोपों के साए में जीवन बिता रही हैं।

मेरठ के चर्चित अतुल पंवार हत्याकांड के बाद एक बार फिर इस बैरक की ओर लोगों का ध्यान गया है। यहां कुल छह महिलाएं बंद हैं। इनमें से पांच पर अपने पति की हत्या का आरोप है, जबकि एक महिला अपने सात वर्षीय बेटे की हत्या के मामले में न्यायिक हिरासत में है। जिन परिवारों में कभी खुशियां थीं, वहां अब सिर्फ बिखरे रिश्तों और दर्द की कहानियां बची हैं।

 भजन और सुंदरकांड से शुरू होती है दिनचर्या

बैरक 12ए का माहौल अन्य बैरकों से अलग बताया जाता है। हर सुबह यहां सुंदरकांड का पाठ और भजन-कीर्तन की आवाज गूंजती है। माना जाता है कि यह धार्मिक गतिविधियां मानसिक शांति पाने और अपराधबोध से उबरने का एक प्रयास हैं। जेल प्रशासन ने इन सभी महिलाओं को एक ही बैरक में रखा है, ताकि वे मानसिक रूप से एक-दूसरे का सहारा बन सकें।

इसी बैरक में स्कूल संचालक अपने पति की हत्या के मामले में आरोपी प्रिंसिपल दामिनी भी बंद हैं। बताया जाता है कि वह गहरे मानसिक तनाव में हैं और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करतीं। जेल प्रशासन उनकी काउंसलिंग कराने की तैयारी कर रहा है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के अनुसार, सभी महिलाओं को एक साथ रखने का उद्देश्य उनके मानसिक संतुलन और आपसी सहयोग को बनाए रखना है।

 मुलाकात के दौरान छलक पड़ता है दर्द

जेल में बंद इन महिलाओं के लिए हर दिन आत्ममंथन और इंतजार के बीच गुजरता है। जब परिवार के सदस्य उनसे मिलने आते हैं तो भावनात्मक माहौल बन जाता है। बताया जाता है कि कई बार वे आपस में भी इस बात पर चर्चा करती हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। सुबह की प्रार्थना से शुरू होने वाला दिन अक्सर पछतावे और आंसुओं के साथ समाप्त होता है।

 प्रेम संबंधों और साजिशों के आरोपों से जुड़े हैं मामले

इन महिलाओं पर दर्ज मामलों ने भी व्यापक चर्चा बटोरी है। मुस्कान पर आरोप है कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या की और शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया। अंजलि पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति राहुल की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। रविता पर पति अमित की हत्या कर घटना को अलग रूप देने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है।

इसी तरह कोमल पर आरोप है कि उसने अपने बीएसएफ जवान पति नैन सिंह की हत्या की साजिश रची और इसके लिए बड़ी रकम खर्च की। वहीं सबसे संवेदनशील मामला गुरप्रीत कौर का है, जिस पर आरोप है कि उसने अपने प्रेम संबंध के चलते अपने सात वर्षीय बेटे की हत्या कराई।

फिलहाल सभी आरोपी महिलाएं न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रही हैं। अदालत में मामले विचाराधीन हैं और दोष सिद्ध होना अभी शेष है। हालांकि, इन आरोपों के बीच जेल की बैरक नंबर 12ए अब उन जिंदगियों की कहानी बन चुकी है, जहां रिश्तों के टूटने, अपराध के आरोपों और पछतावे का लंबा सफर एक साथ दिखाई देता है।