बालाघाट, लालबर्रा के बघोली में ग्रामीणों ने मंदिर के सामने की भूमि अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराने कि करि मांग
ग्रामीणों ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
CURATED BY – LAKESH PANCHESHWAR | CITYCHIEFNEWS
लालबर्रा, तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बघोली के ग्रामीणों ने 5 सितंबर 2024 को तहसील कार्यालय में,ग्राम में मंदिर के सामने अतिक्रमणकारियों द्वारा अतिक्रमण करने पर तहसीलदार को उनकी लिखित शिकायत कर ज्ञापन सौंपा है। जिसमें ग्रामीणों के द्वारा उल्लेख किया गया है कि ग्राम बघोली के वार्ड क्रमांक 3 के चांदनी चौक में भगवान श्रीकृष्ण एवं माता कर्मा मंदिर निर्माण के सामने की भूमि अविलंब अतिक्रमण से मुक्त कराने हेतु तहसीलदार लालबर्रा को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत बघोली के वार्ड क्रमांक 3 चांदनी चौक में ग्राम पंचायत एवं ग्राम के समस्त सामाजिक, धर्म प्रेमियों के द्वारा विगत दिनों ग्राम में कोटवार से मुनादी कराकर सार्वजनिक बैठक रखी गई थी, जिसमें उपस्थित जन समूह के समक्ष मंदिर निर्माण का प्रस्ताव रखा गया था, जिस पर सर्वसम्मति से मंदिर निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई तत्पश्चात बैठक उपरांत सरपंच एवं ग्राम वासियों द्वारा मंदिर निर्माण स्थल का फरवरी 2024 में भूमि पूजन किया गया तथा निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है परंतु अतिक्रमणकारियों चैनलाल चौधरी, गोविंदराम चौधरी, मानिक चौधरी उक्त तीनों लोगों द्वारा मिलकर मंदिर के सामने से दीवार बनाने का कार्य किया जा रहा है जो कि सामाजिक एवं धर्म विरोधी विचार धारा का परिचय दे रहे हैं। चूंकि इसमें एक अतिक्रमणकारी गोविंदराम चौधरी वार्ड क्रमांक 9 के पंच हैं और एक जिम्मेदार दायित्व का निर्वहन करने वाले जनप्रतिनिधि को ग्राम वासियों के विपक्ष में होकर शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करना शोभा नहीं देता। ग्रामीणों ने मंदिर निर्माण के सामने की भूमि में अतिक्रमण कर दीवार बनाने वालों की दीवार हटवाने की कार्रवाई करने की मांग की है। जिससे की मंदिर निर्माण में एवं मंदिर में भविष्य में कोई भी धार्मिक आयोजन करने में ग्राम वासियों को कोई अव्यवस्था न हो एवं गांव में शांतिपूर्ण सामाजिक एवं धार्मिक आस्था की भावना बनी रहे। तहसीलदार को ज्ञापन सौंपने में- मंदिर निर्माण समिति अध्यक्ष मनोज समरित, उपाध्यक्ष कृपाशंकर साठोने, कोषाध्यक्ष भिवराम पटले, सचिव ताराचंद पटले, ग्राम उपसरपंच देवराम मेहरकर, ग्रामीण- खेमलाल पटले, पन्नालाल समरित, भिवराज समरित, मूलचंद लांझेवार, चुन्नीलाल मेहरकर, भूपेंद्र तुलसीकर, दीपेंद्र पटले, रूपलाल लांझेवार, डीलेश समरित, सुबेलाल लांझेवार सहित अन्य जन शामिल रहे।