बकरीद पर्व 17 जुन को, बकरे की दाम आसमान पर
बकरीद पर्व कुर्बानी और त्याग के रूप में हर साल मनाया जाता है
CURATED BY – CHANDAN KUMAR CHAUBEY | CITYCHIEFNEWS
शिवहर, शिवहर मुस्लिम समुदाय के प्रमुख त्योहारों में से एक बकरीद पर्व ईद उल- अजहा का त्योहार 17 जून 2024 को मनाया जाएगा। यह पर्व कुर्बानी और त्याग के रूप में हर साल तीन दिन मनाया जाता है ।इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार हाल-साल आखिरी माह जू-अल- हज्हा में बकरीद का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन हलाल जानवर की कुर्बानी दी जाती है।
बकरीद पर्व को लेकर बाजारों में बकरा पालने वालों की बल्ले ही बल्ले है। कुर्बानी की बकरा को लेकर लोग भटक रहे हैं, 18000 ,20000, 25000 रुपए का बकरा बाजार में बमुश्किल मिल रहा है।
शहर के पेट्रोल पंप स्थित अलीनगर के मोहम्मद जफरुल्लाह, मोहम्मद नजीर, मोहम्मद सरफराज ,मोहम्मद महम्मूद,मोहम्मद इस्लाम ने बताया है कि बकरीद की कुर्बानी को लेकर हम लोग महंगाई को देखते हुए शुरू से ही कुर्बानी के लिए बकरा पालते हैं। कुर्बानी के बकरे बाजार में उपलब्ध तो है पर उसके दाम आसमान पर है।
इस्लामी मान्यताओं के अनुसार जब पैगंबर इब्राहिम अपने बेटे इस्माइल को कुर्बान करने वाले थे, तब परमेश्वर ने जिब्राइल नाम के फरिश्ते को आदेश दिया कि वह स्वर्ग से एक भेड़ ले जाकर इस्माइल की जगह रख दे इस तरह पैगंबर इब्राहिम ने अपने बेटे की जगह भेड़ की कुर्बानी कर दी और यह प्रथा यही से शुरू हो गई।
उन्होंने बताया कि पैगंबर इब्राहिम की अपने प्यारे बेटे की कुर्बानी देने की इच्छा का प्रतीक है यह पर्व और प्रतिकूल परिस्थितियों में निस्वार्थता और आज्ञाकारिता के महत्व को याद दिलाता है बकरीद का पर्व।
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