अटल बिहारी वाजपेयी 25 दिसम्बर 1924-16 अगस्त 2018 भारत के तीन बार के प्रधानमन्त्री थे। पहले 16 मई से 1 जून 1996 तक, तथा फिर 1998 में और फिर 19 मार्च 1999 से 22 मई 2004 तक भारत के प्रधानमन्त्री रहे  वे हिन्दी कवि, पत्रकार व एक प्रखर वक्ता थे।भारतीय जनसंघ के संस्थापकों में एक और 1968 से 1973 तक उसके अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने लम्बे समय तक राष्‍ट्रधर्म, पाञ्चजन्य (पत्र) और वीर अर्जुन आदि राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत अनेक पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया।निचले सदन, दस बार, और दो बार राज्य सभा, ऊपरी सदन में चुने गए थे। उन्होंने लखनऊ के लिए संसद सदस्य के रूप में कार्य किया 2009 तक उत्तर प्रदेश जब स्वास्थ्य सम्बन्धी चिन्ताओं के कारण सक्रिय राजनीति से सेवानिवृत्त हुए। अपना जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेकर प्रारम्भ करने वाले वाजपेयी राष्ट्रीय जनतान्त्रिक गठबन्धन (राजग) सरकार के पहले प्रधानमन्त्री थे, जिन्होंने गैर काँग्रेसी प्रधानमन्त्री पद के 5 वर्ष बिना किसी समस्या के पूरे किए। आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेने के कारण इन्हे भीष्मपितामह भी कहा जाता है। उन्होंने 24 दलों के गठबन्धन से सरकार बनाई थी जिसमें 81 मन्त्री थे 2005 से वे राजनीति से संन्यास ले चुके थे|
देश आज 16 अगस्त को पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी बाजपेई कि पुण्यतिथि के रूप मे मनाया जाता है अटल जी प्रधानमंत्री रहते हुए कारगिल युद्ध पर विजय या पोखरण मे परिक्षण जैसे कई अहम् फैसलों ने देश को अटल शक्ति और ऊर्जा प्रदान कि थी आज सुबह उनकी समाधी स्थल "सदैव अटल" पर राष्ट्रपति द्रोपदीमुर्म उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ वा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित तमाम नेताओ ने श्रद्धांजलि दी इसके अलावा भी रक्षामंत्री राजनाथ सिंह वा लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला भी मौजूद रहे|