CURATED BY – LAKESH PANCHESHWAR | CITYCHIEFNEWS 

बालाघाट, बिरसा थाना अंतर्गत मानेगांव में एक स्थानीय व्यक्ति अशोक कदम के द्वारा कानून और प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए बड़े पैमाने पर अवैध रूप से देसी व अंग्रेजी शराब बेची जा रही है। बताया जा रहा है कि एक सामान्य घर को बार की तर्ज पर पूरी तरह विकसित कर दिया गया है, जहां शराब पीने वालों के लिए बैठने और शराब सेवन की पूरी व्यवस्था मौजूद है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि यह घर अब इलाके का 'अवैध बार' बन चुका है, जहां दिन-रात शराबियों की भीड़ लगी रहती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार यह धंधा लंबे समय से बेधड़क चल रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार विभाग – खासकर पुलिस व आबकारी – इस पूरे मामले में आंख मूंदे बैठे हैं। जबकि अवैध शराब बिक्री पर सख्त कार्यवाही का दावा करने वाले प्रशासन की पोल इस मामले ने खोल दी है।

शराबियों के लिए जश्न का अड्डा,गांव वालों के लिए सिरदर्द

  शराबियों के जमावड़े से न सिर्फ सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है, बल्कि राह चलती महिलाओं और बच्चों को भी रोजाना शर्मनाक स्थितियों का सामना करना पड़ता है। शराब पीकर हंगामा करना, गाली-गलौज और छोटी-मोटी झड़पें यहां आम बात हो गई हैं। लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।

कहीं मिलीभगत तो नहीं....?

प्रश्न उठना लाज़मी है कि आखिर किसके संरक्षण में अशोक कदम इतना बेखौफ होकर यह अवैध कारोबार चला रहा है? क्या इसमें पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत है? या फिर इन्हें ऊपर से कोई 'संरक्षण' प्राप्त है? जनता जवाब मांग रही है लेकिन जिम्मेदार खामोश हैं।

कार्रवाई की मांग,नहीं तो उग्र आंदोलन
स्थानीय नागरिकों और जागरूक युवाओं ने इस अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप नहीं करता,तो गांववासी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। मानेगांव को शराब का अड्डा बनने से बचाना अब बहुत जरूरी हो गया है।

प्रशासन मौन,अपराधियों का मनोबल ऊंचा
जब तक जिम्मेदार विभाग इस मामले पर ठोस कार्रवाई नहीं करते,अशोक कदम जैसे लोग इसी तरह समाज को जहरीला करते रहेंगे। यह अब सिर्फ कानून का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक विकृति और युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल बन चुका है।