बीरभूम, पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की मौत की खबर से हड़कंप मच गया। 74 वर्षीय बनर्जी का शव रामपुरहाट स्थित टीएमसी कार्यालय में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग पार्टी कार्यालय के बाहर पहुंच गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मौत की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

घर के पास स्थित पार्टी कार्यालय में मिला शव

आशीष बनर्जी रामपुरहाट शहर के हट्टालापारा इलाके में रहते थे। उनके आवास के समीप ही तृणमूल कांग्रेस का स्थानीय कार्यालय स्थित है। इसी कार्यालय में उनका शव मिलने की सूचना सामने आई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।

पुलिस के अनुसार, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि पार्टी कार्यालय से एक कथित सुसाइड नोट बरामद हुआ है। हालांकि, नोट में क्या लिखा है और उसकी वास्तविकता क्या है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

रामपुरहाट से पांच बार विधायक रहे बनर्जी

आशीष बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के लंबे समय से सक्रिय वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। उन्होंने रामपुरहाट विधानसभा सीट से वर्ष 2001 से 2021 के बीच लगातार पांच चुनाव जीते। हालांकि, 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा प्रत्याशी ध्रुबा साहा के हाथों करीब 24 हजार मतों से हार का सामना करना पड़ा।

निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, आशीष बनर्जी को 87,687 वोट मिले, जबकि भाजपा के ध्रुबा साहा को 1,11,920 मत प्राप्त हुए और उन्होंने सीट पर जीत दर्ज की।

विधानसभा के 13वें डिप्टी स्पीकर रहे

आशीष बनर्जी ने जुलाई 2021 से मई 2026 तक पश्चिम बंगाल विधानसभा के 13वें डिप्टी स्पीकर के रूप में जिम्मेदारी संभाली। राजनीति में आने से पहले उनका अकादमिक क्षेत्र से भी जुड़ाव रहा। रामपुरहाट में जन्मे बनर्जी ने बर्दवान विश्वविद्यालय से पीएचडी की थी और रामपुरहाट कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्य किया था।

जून में छोड़ा था जिला कोर कमेटी का पद

बनर्जी ने इसी साल जून में तृणमूल कांग्रेस की बीरभूम जिला कोर कमेटी के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था। हालांकि, उस समय उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह पार्टी की प्राथमिक सदस्यता में बने रहेंगे।

गौरतलब है कि हालिया विधानसभा चुनाव में बीरभूम जिले में भाजपा का प्रदर्शन मजबूत रहा। जिले की कुल 11 विधानसभा सीटों में भाजपा ने छह सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि 2021 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 10 सीटों पर कब्जा जमाया था और भाजपा के खाते में सिर्फ एक सीट आई थी। आशीष बनर्जी की मौत की घटना ने स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है।