सड़क हादसे में आर्मी जवान और उनकी डेढ़ साल की बेटी की मौत
नम आंखों से दी गयी अंतिम विदाई
CURATED BY – CHANDAN KUMAR CHAUBEY | CITYCHIEFNEWS
जमुई, जमुई में सड़क दुर्घटना में आर्मी जवान अजीत पांडे और उनकी डेढ़ साल की पुत्री अदिति की मौत के बाद मंगलवार को शव यात्रा निकाली गई। तिरंगे में लिपटे शव यात्रा को देख हर किसी की आंखें नम हो गई। अजीत पांडे अमर रहे"के नारे से पूरा गांव गूंज उठा।तीन किलोमीटर तक शव यात्रा निकाली गई। एक साथ पिता और पुत्री की शव यात्रा देख हर किसी की आंखों से आंसू निकल गए। जिसने भी इस हृदय विदारक घटना को देखा वह खुद को रोक नहीं सके।
दरअसल,जमुई जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र के बंझूलिया इलाके के पास बीते सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक की लहर में डुबो दिया।बताते चलें कि बीते सोमवार को आर्मी जवान अजीत पांडेय और उनकी डेढ़ साल की बेटी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।यह घटना उस वक्त हुई जब अजीत अपने परिवार के साथ महादेव सिमरिया से पूजा कर वापस घर गिद्धौर लौट रहे थे।तभी उनकी गाड़ी एक पेड़ से टकराया गया था।इस दुर्घटना में अजीत और उनकी मासूम बेटी की मौत हो गई।जबकि पत्नी स्मिता और मां बुलबुल देवी का इलाज पटना में चल रहा है।
इधर आर्मी जवान अजीत पांडेय की मौत उनके परिवार और पूरे गांव के लिए अपूरणीय क्षति थी।इस दुखद घटना के बाद,मंगलवार को अजीत पांडेय को अंतिम विदाई दी गई।गया से आए आर्मी के जवानों ने सम्मान के साथ उन्हें सलामी दी और पूरे राज्य के सम्मान के साथ उनका गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया।आर्मी जवान अजीत पांडे के शव और उनकी डेढ़ साल की बेटी को उनके छोटे भाई शुभम ने मुखाग्नि दी।अजीत पांडेय और उनकी बेटी की एक साथ चिता को आग लगाई गई,जिसने है किसी को झकझोर दिया।
इस दौरान,गांव के लोग,पड़ोसी और अधिकारी सभी की आंखें आंसुओं से भर गईं।घटना के बाद गांव में शोक की लहर है और हर कोई इस दुःखद घटना को अपने जीवन का हिस्सा मान रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि अजीत पांडेय की वीरता और समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा और उनकी यादें उनके परिवार और गांव वासियों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगी।