किसी किस्म की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
बढ़ते अपराध पर CM नीतीश की हाई लेवल मीटिंग, अधिकारियों को लगी कड़ी फटकार
CURATED BY – CHANDAN KUMAR CHAUBEY | CITYCHIEFNEWS
पटना, राज्य में लगातार हो रही आपराधिक वारदातों ने बिहार सरकार को परेशानियों में डाल दिया है. इस मुद्दे को लेकर 20 जुलाई को जहां INDI गठबंधन ने पूरे राज्य में प्रतिरोध मार्च निकालने का एलान किया है तो सीएम नीतीश कुमार ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की.
समीक्षा बैठक में सीएम नीतीश कुमार गृह विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी और डीजीपी आर एस भट्टी से अपराध नियंत्रण को लेकर किए जा रहे उपायों की विस्तार से जानकारी ली और उसके बाद कई निर्देश दिए. उन्होंने किसी भी स्तर पर कोताही नहीं बरतने और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए. सीएम ने विधि-व्यवस्था को सरकार की सर्वोच्च प्राथिमकता बताया और कहा कि इसको लेकर किसी किस्म की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.मुस्तैदी से काम करे पुलिस-प्रशासनः मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से साफ कहा कि "कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन मुस्तैदी से कार्य करें.अपराध नियंत्रण के लिए पूरी सख्ती से कार्रवाई करें. साथ ही अपराध अनुसंधान कार्य में तेजी लाएं और इसे समय से पूरा करें ताकि दोषियों पर जल्द कार्रवाई हो सके."
सीएम नीतीश कुमार ने गश्ती व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया. उन्होंने रात्रि एवं पैदल गश्ती को और प्रभावी बनाने के लिए वरीय पदाधिकारियों को क्षेत्र में जाकर रात्रि में स्वयं औचक निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए. इसके अलावा उन्होंने अवैध खनन को रोकने के लिए भी सख्ती से कार्रवाई करने की जरूरत बताई.
सीएम ने कहा कि "बिहार पुलिस की संख्या बढ़ाने के लिए विभिन्न श्रेणियां में 2 लाख 29 हजार 139 पद स्वीकृत किए जा चुके हैं.जिसमें से 1 लाख 6 हजार 436 पुलिसकर्मी कार्यरत हैं. उन्होंने रिक्त पदों पर जल्द बहाली करने के भी निर्देश दिए. साथ ही शराबबंदी को लेकर विशेष नजर रखने की भी हिदायत दी.
इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा, डीजीपी आर एस भट्टी , मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एस सिद्धार्थ, गृह विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी के साथ पुलिस मुख्यालय के सभी आलाधिकारी शामिल थे तो वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सभी प्रमंडलीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, डीएम, एसएसपी और एसपी भी जुड़े.
दरअसल पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में कई आपराधिक वारदातों के बाद पूरा विपक्ष कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमलावर है, हालांकि सत्तापक्ष भी पलटवार कर रहा है और जंगलराज की याद दिला रहा है. वहीं इसी मसले को लेकर कल यानी 20 जुलाई को विपक्ष ने पूरे राज्य में प्रतिरोध मार्च निकालने का एलान किया है.
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