बड़वानी, शासकीय कन्या महाविद्यालय बड़वानी के वार्षिक स्नेह सम्मेलन का उद्घाटन सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ आज प्राचार्य डॉ. वंदना भारती एवं कोर्डिनेटर  डॉ. जगदीश मुजाल्दे एवं स्नेह सम्मेलन प्रभारी डॉ. स्नेहलता मुझाल्दे के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया तथा अतिथियों का परिचय डॉ. स्नेहलता मुझाल्दे द्वारा दिया गया है एवं परिचय देते हुए उन्होने राष्टीªय शिक्षा निति को बढावा देते हुए कहा कि स्नेह सम्मेलन छात्राओं के कलात्मकता उनके विकास और आगे बढाने के उपर जोर दिया गया है।
प्राचार्य डॉ. वंदना भारती द्वारा महाविद्यालय के वार्षिक प्रतिवेदन का वाचन किया गया। प्राचार्य द्वारा बताया गया कि हमारे शिक्षक इस व्यापक और बहुमुखी विकास की रीढ़ रहे है। वे मार्गदर्शक सितारे रहे है, जो हमारी छात्राओं को ज्ञान, बुद्धिमता और एक आशाजनक भविष्य की ओर ले जा रहे है। उनकी प्रतिबद्धता और अथक प्रयासो ने हमेशा हमारी छात्राओं को सर्वश्रेष्ठ प्रदान किया है। मैं इस अवसर पर हमारे मेहनती शिक्षण स्टॉफ के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करना चाहती हूँ।
मेरा मानना है कि हमारा महाविद्यालय केवल औपचारिक शिक्षा का स्थान नहीं है, बल्कि एक ऐसा स्थान है जहाँ छात्र एक व्यक्ति के रूप में बढ़ते और विकसित होते है। यह एक ऐसी जगह है जहाँ उनकी आंतरिक क्षमता का पोषण होता है और जहाँ वे सम्मान, अखंडता और जिम्मेदारी का मूल्य सीखते है। इसमें राष्ट्रीय सेवा योजना, विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन जैसे कार्यक्रम चलाये जा रहे है और छात्राएँ इसमें अपना पूरा योगदान अनुभवी प्राध्यापको के मार्गदर्शन में दे रही है और इस प्रकार उनका चहुँमुखी विकास हो रहा है।
इसके अलावा नैतिक मूल्य, व्यक्तित्व विकास, योग एवं ध्यान जैसे विषय से चरित्र निर्माण भी हो रहा है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रविन्द्र बरडे द्वारा किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन डॉ. कविता भदौरिया द्वारा किया गया। सर्वप्रथम कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं कन्या पूजन से किया गया। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि माननीय श्री राजन जी मण्डलोई, विधायक, विधानसभा क्षेत्र, बड़वानी, विशेष अतिथि माननीय श्रीमती अश्विनी निक्कु चौहान, अध्यक्ष, नगरपालिका बड़वानी, जिला-बड़वानी, अध्यक्षता डॉ. दिनेश वर्मा, प्राचार्य, श.भी.ना. शा. स्नातको. महावि. बड़वानी, जिला-बड़वानी,) रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथ माननीय श्री राजन जी मण्डलोई, विधायक, विधानसभा क्षेत्र, बड़वानी, द्वारा छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा गया कि स्नेह सम्मेलन एक ऐसा कार्यक्रम है जिसका इन्तजार सभी छात्राओं को सालभर से रहता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा के अलावा कई अन्य प्रतिभाएँ उभर कर सामने आती है। छात्राओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि शिक्षा हमारे लिये नितांत आवश्यक है। शिक्षा केवल डिग्री लेना नहीं है यह एक ऐसा चमत्कारिक प्रयास है जिससे हम आत्मनिर्भर बनकर अपने जीवन के उद्देश्य प्राप्त कर सकते है। उन्होंने अल्बर्ट आईन्स्टिन की बात को रखते हुये कहा कि 100 मित्र के बराबर एक पुस्तक होती है परंतु एक अच्छा दोस्त अपको अच्छी बातें सीखा सकें आपको जीवन में आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करता रहे वही आपका सच्चा हितैषी रहता है। उन्होंनेे कहा कि 24 से 25 वर्ष तक बहुत अच्छी मेहनत कर ले तो आप जीवनभर बहुत सुखी रहेगे क्योंकि आपके माता-पिता ने आपके लिये एक अच्छे पद पर जाने के लिये कई सपने देखे है। उनके सपनों को साकार करना आप सभी का कर्त्तव्य है। आप सभी सशक्त नारी के रूप में उभरकर उनके सपनो को पूरा करें।
विशेष अतिथि विशेष अतिथि श्रीमती अश्विनी निक्कु चौहान, अध्यक्ष, नगरपालिका बड़वानी, जिला-बड़वानी, ने अपने उद्बोधन ने छात्राओं को संबोधित करते हुये कहा कि स्नेह सम्मेलन एक ऐसा पल है जिसमें हम किताबो को छोड़कर बिना टेन्शन के सारे कार्यक्रम, प्रतियोगिता में भाग लेते है। आप अपने लक्ष्य पर फोकस रखियें और अपनी शिक्षा में हमेशा एक आदर्श बनाये चाहे वो आपके प्राचार्य या प्राध्यापक ही क्यों न हो। उन्होंने हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भूतपूर्व मुख्यमंत्री शिवराज चौहान के सपने है कि हमारे देश की बेटियाँ आत्म निर्भर बने। आप सभी उनके सपनों को साकार करें एवं अपनी जिन्दगी में आगे बढ़े। विशेष अतिथि अब्दुल रहीम तिगाले जी ने अपने उद्बोधन में छात्राओं को संबोधित करते हुये उनके उज्जवल भविष्य की शुभकानाएँ दी।
अध्यक्ष डॉ. दिनेश वर्मा, प्राचार्य, श.भी.ना. शा. स्नातको. महावि. बड़वानी, जिला-बड़वानी ने कहा कि अब आप स्कूल से बाहर महाविद्यालय के जीवन में आ गये है और यहाँ आपका जीवन विश्लेषण परख हो गया है। एक शोध निकलकर आया है कि 85 प्रतिशत छात्राएँ प्रताड़ित है अपने परिचित से इसलिये आपको हमेशा अपना सिक्सथ का उपयोग करना चाहिये जिससे आप यह समझ सके कि कौन व्यक्ति आपका हितैषी है और कौन नहीं है। उन्होंने छात्राओं को बताया कि विकास की ओर बड़े क्योंकि विकास को कभी रोका नहीं जा सकता है जैसे यदि पेड़ बढ़ना शुरू हो जाता है तो वो विकसित होता जाता है वैसे ही आप विकास की ओर बढ़े। उन्होंने छात्राओं को मोबाईल का बेहतर उपयोग करने के लिये प्रेरित किया  उन्होने पुरक प्रसंग के माध्यम से छात्राओं को प्रेरित कर अपनी वाणी को विराम दिया।
जनभागीदारी सदस्य एवं छात्रा अभिभावक श्रीमती सीमा मिश्रा ने कहा कि छात्राएँ हमेशा अपने धर्म के संस्कार एवं संस्कृति को अपनाए तथा महाविद्यालय को मंदिर मानकर आए। आप अपनी शिक्षा के प्रति पूरी ईमानदारी रखे एवं महाविद्यालय के प्रत्येक कार्यक्रम में सहभागिता करें। अतिथि उद्बोधन पश्चात महाविद्यालय में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारंभ हुआ जिसमें समूह, युगल एवं एकल नृत्य में कुल 42 प्रस्तुतियाँ छात्राओं द्वारा प्रस्तुत की गई। आभार प्रदर्शन डॉ. महेश कुमार निंगवाल द्वारा किया गया।
    इस अवसर पर डॉ. कविता भदौरिया, स्नेहलता मुझाल्दा, डॉ. जगदीश मुजाल्दे, डॉ. मनोज वानखेड़े, डॉ. महेश कुमार निंगवाल, डॉ. दिनेश सोलंकी, डॉ. सुनीता भायल, डॉ. प्रियंका देवड़ा, प्रो. सीमा नाईक डॉ. विक्रम सिंह भिड़े,प्रो. अंकिता पागनिस, श्रीमती रेखा बिसेन, डॉ. तंजीम कायनात शेख, प्रो. शोभाराम वास्केल, डॉ. पद्मा आर्य, श्री कृष्णु यादव, प्रो. प्रियंका शर्मा, प्रो. आयुषी व्यास, श्री दीपक बिल्लौरे, श्री संदीप दासौंधी एवं समस्त महाविद्यालयीन स्टॉफ एवं छात्राएँ उपस्थित रही।