CURATED BY – LAKESH PANCHESHWAR | CITYCHIEFNEWS

बालाघाट, बालाघाट मुख्यालय के निकट ग्राम आंवलाझरी में किसानों के खेतों में जमकर पानी भर जाने और धान रोपाई नही होने से नाराज किसानों ने चक्काजाम कर बालाघाट से बैहर मार्ग को अवरूद्ध कर दिया। जिससे यहां पर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल रहा। वाहनों की लंबी कतारे लगी रही। किसानों के चक्काजाम प्रदर्शन करने की सूचना पर क्षेत्र की विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे पैर फेक्चर होने के बावजूद व्हील चेयर पर पहुंची और समर्थन देते हुये पानी निकासी की व्यवस्था बनायी गई। 
  पूर्व सांसद कंकर मुंजारे  भी पहुंचे थे बताया गया कि आंवलाझरी में एक बिल्डर ने जमीन खरीदी कर वहां पर प्लाटिंग का कार्य शुरू किया हैं। जिससे आसपास के किसानों के खेतो के पानी निकासी पूरी तरह से अवरूद्ध हो गई। पानी रूकने से किसानों द्वारा धान की रोपाई नहीं हो रही है। किसानों का कहना हैं कि उनकी धान फसल को क्षति पहुंच रही हैं। जिसमें देवटोला,आंवलाझरी,बघोली और बोदागांव के किसानों को ज्यादा समस्या बन रही हैं। कई सालों से यहां पर पानी निकासी हो रही थी। लेकिन बिल्डर द्वारा पानी निकासी रोके जाने से किसानों के खेतों मे जमकर पानी भर गया है। इसके अलावा वहां कुछ मकान बना हैं वहां भी पानी भर गया है। किसानों का कहना रहा कि पानी निकासी कई सालो से हो रही और बिल्डर ने अभी जमीन लेकर प्लाटिंग की और नाला बंद कर दिया मामले की लगातार शिकायत के बावजूद प्रशासन से सहयोग नहीं मिलने से नाराज होकर किसानों ने चक्काजाम प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार की टीम ने जेसीबी मशीन से पानी निकासी की व्यवस्था करवायी। जिसके पश्चात प्रदर्शन समाप्त हो गया।
विधायक अनुभा मुंजारे ने कहा कि कई वर्षो से किसानों के खेतों से पानी निकासी हो रही थी किसानों के खेतों का पानी रोका जाना गलत हैं। बिल्डर को नाला बंद नहीं करना चाहिए। किसानों को कोई दिक्कतें हुई तो आगे उग्र प्रदर्शन किया जायेगा। किसानों की इस समस्या को प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। जिसके चलते यह चक्काजाम करने बाध्य हुये हैं। राजस्व विभाग की जिम्मेदारी है कि पानी निकासी की व्यवस्था बनाये कोई कितना ही रसूखदार हो पर पानी रोकने का किसने अधिकार दिया है।