CURATED BY – YASHPAL SINGH JAT | CITYCHIEFNEWS

अनूपपुर, आँगनबाड़ी केन्द्र पड़ौर क्र. 236 में बच्चों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। राम जानकी समूह द्वारा संचालित इस केन्द्र में बच्चों को पौष्टिक आहार और उचित शिक्षा नहीं मिल रही है। जब हमारे संवाददाता अमित अमित तिवारी ने आँगनबाड़ी का दौरा किया, तो उन्होंने पाया कि वहां कुल 32 बच्चे हैं जिस में 10 बच्चे उपलब्ध थे उपस्थित थे, जिनके लिए लौकी की सब्जी और 21 रोटियाँ बनाई गई थीं। चावल भी तैयार किया गया था, जो बच्चों के लिए पर्याप्त नहीं था।
समूह की लापरवाही का नतीजा
राम जानकी समूह की लापरवाही के कारण बच्चों को उनके मेनू के अनुसार खाना नहीं मिल पाता। समूह द्वारा बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा करने में गंभीर कमी देखने को मिली है। न केवल पौष्टिक आहार की कमी है, बल्कि बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। सरकारी योजनाओं के बावजूद, स्थानीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण बच्चों को अच्छी शिक्षा और पोषण से वंचित रखा जा रहा है।
पानी की समस्या
बच्चों के पोषण और शिक्षा के अलावा, पानी की समस्या भी गहरी है। आँगनबाड़ी केन्द्र में उपलब्ध पानी की गुणवत्ता बेहद खराब है। स्थानीय महिलाओं ने शिकायत की है कि इस पानी का उपयोग करने से उनके बच्चों की तबीयत बिगड़ रही है। दूषित पानी के कारण बच्चों में पेट की बीमारियाँ और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ हो रही हैं।
सरकारी प्रयासों पर प्रश्नचिन्ह
प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों और आँगनबाड़ी केन्द्रों में मध्यान्ह भोजन योजना शुरू की है, ताकि बच्चों को पौष्टिक आहार मिल सके। इस योजना के तहत प्रतिदिन बच्चों को अलग-अलग पौष्टिक आहार देने का प्रावधान है। बावजूद इसके, आँगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की संख्या कम है और जो बच्चे आते भी हैं, उन्हें पोषण और शिक्षा की कमी का सामना करना पड़ता है।
मिलीभगत और भ्रष्टाचार
सरकारी स्कूलों और आँगनबाड़ी केन्द्रों में प्रशासनिक मिलीभगत और भ्रष्टाचार के चलते बच्चों को न तो अच्छा खाना मिल पा रहा है और न ही अच्छी शिक्षा। सरकारी योजनाओं का लाभ बच्चों तक नहीं पहुंच पा रहा है, क्योंकि अधिकारी और समूह के सदस्य अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
आवश्यक सुधार
आवश्यक है कि स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मुद्दे पर तुरंत ध्यान दें। बच्चों के भविष्य के लिए आवश्यक है कि उन्हें पौष्टिक आहार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। सरकार को चाहिए कि वह इस दिशा में कठोर कदम उठाए और सुनिश्चित करे कि सरकारी योजनाओं का लाभ बच्चों तक पहुंचे।
समाज की जिम्मेदारी
समाज के सभी वर्गों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के अधिकारों की रक्षा करें। आँगनबाड़ी केन्द्रों और सरकारी स्कूलों में होने वाली लापरवाहियों को उजागर करें और सरकार से उचित कार्रवाई की मांग करें। बच्चों का भविष्य हमारे हाथों में है और हमें इसे सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।
निष्कर्ष
आँगनबाड़ी केन्द्र पड़ौर क्र. 236 में राम जानकी समूह की लापरवाही से बच्चों के पोषण और शिक्षा की स्थिति बेहद दयनीय है। दूषित पानी की समस्या भी गंभीर है, जिससे बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है सरकार को चाहिए कि वह इस पर तुरंत संज्ञान ले और आवश्यक सुधार सुनिश्चित करे, ताकि बच्चों को उनके अधिकार मिल सकें और उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके।