CURATED BY – GAURAV SINGHLA | CITYCHIEFNEWS

सतना, स्मार्ट सिटी सतना में रेलवे स्टेशन पहुंच मार्ग पर पड़ने वाले अंधेरी पुलिया चौराहे पर फल ठेला वालों का अवैध कब्जा यातायात व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। सुबह से ही चौराहे के एक बड़े हिस्से में फल विक्रेताओं द्वारा अपने ठेलों को सजा लिया जाता है जिसके कारण आवागमन सड़क संकरी हो जाती है। इस वजह से चारों दिशाओं से वाहनों की आवाजाही के दौरान चौराहे पर जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है। नगर निगम की थकी व्यवस्था का फायदा उठाते हुए पूरे शहर में अतिक्रमण का खेला निरंतर जारी है। बताया जाता है कि अतिक्रमण विरोधी दस्ता में शामिल लोगों से सेटिंग करते हुए सड़कों पर अतिक्रमण करने का मौखिक लाइसेंस हासिल कर लिया जाता है। रेलवे स्टेशन सड़क से गुजरने वाला दस्ता जब यहां पहुंचता है तो फल दुकानदारों द्वारा उन्हें नगद और फलों के सहारे मैनेज कर लिया जाता है। चौराहे के एक हिस्से में फलों का ठेला लगने की वजह से दुर्घटना का डर यहां पर हर समय बना रहता है। फल विक्रेताओं पर नगर निगम का कोई नियंत्रण नहीं है इसलिए वे अतिक्रमण के मामले में बराबर अपनी मनमानी करते रहते हैं।
नेताओं को शहर से कोई मतलब नहीं..
सांसद, विधायक, महापौर सहित अन्य जनप्रतिधियों को शहर की चौपट यातायात व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है। कभी कभार बैठकों की खानापूर्ति पूरी करते हुए जिम्मेदारी से किनारा करना नेताओं और अधिकारियों की आदत बन गई है। पार्षद स्तर के जनप्रतिनिधि स्वयं अपने क्षेत्रों में अतिक्रमण कराने में अपनी भूमिका का निर्वहन वोट की लालच में करते हैं। अब ऐसे हालात में इस शहर का भला आखिर कैसे हो सकता है...?