CURATED BY – UMESH KUSHWAHA | CITYCHIEFNEWS

सतना, मध्य प्रदेश के सतना जिले की शिक्षा व्यवस्था के बुरे हालातों के किस्से तो आपने सुने ही होंगे। आलम ऐसा है कि किसी विद्यालय में बच्चे स्कूलों में गैर हाजिर है तो किसी विद्यालय में शिक्षक नहीं हैं। वहीं, किसी स्कूल में छात्र नहीं है तो किसी विद्यालय में शिक्षकों की भरमार है। एमपी में जहां शिक्षक स्कूल ज्वाइनिंग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहां, स्कूलों में शिक्षक ही शिक्षक हो सुनकर हैरानी हो रही होगी। लेकिन ऐसा गजब सतना में हुआ है। दरअसल, मामला एमपी के सतना जिले अन्तर्गत नागौद जनपद के संकुल जसो में स्थित बमुराहिया गांव के शासकीय माध्यमिक विद्यालय का है। यहां केवल 6 बच्चों का दाखिला हुआ है, जिनमें से पांच बच्चे नाम मात्र के हैं। इनमें केवल एक बच्चा नियमित रूप से विद्यालय आता है। वहीं, विद्यालय के शिक्षकों की भरमार है। यहां 6 बच्चों को पढ़ाने के लिए चार शिक्षक पदस्थ हैं। बच्चों के नहीं आने से उन्हें भी मुफ्त का वेतन प्राप्त हो रहा है।

6 छात्रों में एक ही रेगुलर आ रहा स्कूल

विद्यालय में अध्ययन कर रहे 6 छात्रों में से एकमात्र छात्र प्रतिदिन अध्ययन के लिए विद्यालय आता है। वह भी वर्तमान समय में छमाही परीक्षा भी दे रहा है। ऐसा दृश्य देख जिले की शिक्षा व्यवस्था पर काफी सवाल खड़े कर रहा हैं। कुछ महीनों पहले इस विद्यालय में मर्जर की प्रक्रिया भी हुई, जिसमें अतिरिक्त शिक्षकों को हटाकर ऐसे स्थान पर तैनात किया गया जहां छात्रों की संख्या अधिक है।