एनकेजे थाने में नाबालिग को निर्वस्त्र कर पीटने का आरोप
आक्रोशित ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर किया चक्काजाम
कटनी, एनकेजे थाना पुलिस की बर्बरता और अमानवीय चेहरे को लेकर सोमवार को कटनी-शहडोल राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्रामीणों ने जबरदस्त उग्र प्रदर्शन किया। आरोप है कि थाने में पावती लेने गए एक नाबालिग लड़के को पुलिस कस्टडी में 6 घंटे तक रखकर उसे निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया। इस घटना की खबर फैलते ही जुहली गांव के सैकड़ों ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने जुहली मोड़ पर चक्काजाम कर दिया। करीब 3 घंटे तक चले इस हंगामे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और मझगवां टोल नाके तक वाहनों की कतारें लग गईं।
पावती मांगने पर नाबालिग से बर्बरता का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि पीड़ित नाबालिग लड़का थाने में दी गई एक शिकायत की पावती (रिसीविंग) मांगने गया था। इसी बात पर एनकेजे थाने के पुलिसकर्मियों ने उसे हिरासत में ले लिया और करीब 6 घंटे तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसके कपड़े उतरवाकर उसे निर्वस्त्र किया गया और क्रूरतापूर्वक मारपीट की गई, जिससे वह अचेत हो गया।
सोमवार शाम को आक्रोशित ग्रामीण कथित तौर पर अचेत नाबालिग को बीच सड़क पर लिटाकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल निलंबन और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस और झूमाझपटी की स्थिति भी निर्मित हुई।
3 घंटे तक थम गया आवागमन, टोल तक लगी कतारें
शाम करीब 7 बजे शुरू हुआ यह चक्काजाम रात 9:30 बजे तक जारी रहा। व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से देखते ही देखते वाहनों के पहिए थम गए। जुहली मोड़ से लेकर मझगवां टोल प्लाजा तक कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे सैकड़ों यात्री और मालवाहक वाहन फंस गए।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: माहौल बिगड़ता देख मौके पर तीन थानों की पुलिस समेत अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया।
दो पक्षों का पुराना विवाद बना वजह
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जुहला गांव में यादव और आदिवासी समाज के बीच पुरानी रंजिश को लेकर पिछले कई दिनों से तनाव चल रहा था। रविवार को दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ा और मारपीट हुई, जिसकी शिकायत करने दोनों पक्ष एनकेजे थाने पहुंचे थे। इसी प्रक्रिया के दौरान यादव पक्ष के नाबालिग लड़के के साथ पुलिस बर्बरता की खबर आई, जिसने बारूद में चिंगारी का काम किया और पूरा गांव सड़क पर उतर आया।
आश्वासन के बाद खुला रास्ता
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डीएसपी (मुख्यालय) रत्नेश मिश्रा और कुठला थाना प्रभारी अखिलेश दाहिया सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास किया।
डीएसपी मुख्यालय रत्नेश मिश्रा ने मीडिया से कहा: "मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।"
वरिष्ठ अधिकारियों से मिले ठोस आश्वासन के बाद रात करीब 9:30 बजे ग्रामीण सड़क से हटने को तैयार हुए। इसके बाद पुलिस को यातायात सामान्य कराने और फंसे हुए वाहनों को निकालने में करीब एक घंटे से अधिक का समय लगा। फिलहाल क्षेत्र में एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में है।
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