कांवड़ यात्रा की सभी तैयारियां पूरी
भोले के भक्तों के लिए पलक पावड़े बिछाने को शासन-प्रशासन और सामाजिक संगठन मुस्तैद
सहारनपुर। 30 जुलाई से 11 अगस्त तक 13 दिन तक चलने वाली कांवड़ यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला पुलिस एवं प्रशासन, सामाजिक एवं धार्मिक संगठन हरिद्वार गंगा जल लेने जाने और लौटने के दौरान मार्ग में जगह-जगह स्वागत को शिविरों के आयोजन को अंतिम रूप देने में लगा है। जहां भोले के भक्तों को सात्विक भोजन, स्वच्छ पीने का पानी, चिकित्सकीय सुविधा और मार्ग में बिना बाधा एवं अवरोधों के सुगमतापूर्वक यात्रा, विद्युत व्यवस्था उत्कृष्ट स्तर पर प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही हिंदू धर्म के अनुयायियों की इस महत्वपूर्ण कांवड़ यात्रा को लेकर बहुत सकारात्मक, सहयोगात्मक बने हुए हैं। उनके लिए यह बहुत बड़ा विषय है। उन्हीं की भावनाओं के अनुरूप शासन-प्रशासन के तमाम विभाग इस यात्रा को सफल बनाने में युद्धस्तर पर लगे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण मित्तल हरिद्वार से मेरठ तक की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार पूरी तरह से सजग है। सहारनपुर जनपद में कांवड़ियों के लिए स्वास्थ्य विभाग गागलहेड़ी से शाहजहांपुर तक 15 स्थानों पर सभी सुविधाओं से संपन्न स्वास्थ्य शिविर लगा रहा है। इन शिविरों में सांप और कुत्ते कांटने के इंजेक्शन समेत तमाम तरह की दवाइयां उपलब्ध रहेंगी और जिला अस्पतालों में बिस्तरों वाले वार्ड आरक्षित रहेंगे। इन शिविरों में 45 चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। एसएसपी अभिनंदन सिंह के मुताबिक दो चरणों में मार्ग परिवर्तन योजना लागू की जाएगी। 29 जुलाई की आधी रात से चार अगस्त तक मार्ग परिवर्तन का पहला चरण होगा और दूसरा चरण पांच अगस्त से 11 अगस्त की आधी रात तक रहेगा। इस दौरान भारी, मझोले और हल्के वाहनों के लिए अलग व्यवस्थाएं रहेंगी। मुख्य कांवड़ मार्ग पर सामान्य यातायात पर रोक रहेगी।
सहारनपुर जिले में कांवड़ यात्रा के लिए तीन मार्ग निर्धारित किए गए हैं। पहला मार्ग काली नदी पुल से शुरू होकर सहारनपुर नगर से होते हुए यमुना नगर के बार्डर तक सरसावा के शाहजहांपुर तक रहेगा। यह 55 किलोमीटर लंबा मार्ग है। दूसरा मार्ग बड़कला, छुटमलपुर, मुजफ्फराबाद, बेहट हथनीकुंड होकर यमुनानगर जाएगा। यह 60 किलोमीटर लंबा मार्ग है। तीसरा मार्ग देवबंद, बड़गांव, नानोता, गंगोह होते हुए करनाल और शामली को जाएगा। फल, सब्जी और खाद्य सामग्री से जुड़े वाहन के लिए अलग व्यवस्था की गई है। विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि विद्युत विभाग ने कांवड़ यात्रा में पड़ने वाले सभी विद्युत खंभों को प्लास्टिक से ढक दिया है और लटके हुए तारों को दुरूस्त करा दिया है। मार्ग के सभी ट्रांसफार्मरों की बेरीकेडिंग करा दी गई है। बिजली खंभों पर रिफलेक्टर लगवा दिए गए हैं। राजेश कुमार के मुताबिक कांवड़ियों की सुविधा के निर्बाध विद्युत आपूर्ति जारी रहेगी और किसी भी ट्रांसफार्मर के फुंकने पर मात्र तीन घंटे में ट्रांसफार्मर बदल दिया जाएगा। पर्याप्त संख्या में विभाग के पास ट्रांसफार्मर एवं जरूरी विद्युत उपकरण उपलब्ध हैं। ट्रांसफार्मरों को गाड़ियों में लादकर रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि जो भी निर्देश प्राप्त हो रहे हैं विद्युत विभाग युद्धस्तर पर उन सुविधाओं को जुटाने में लगा है। कमिश्नर डा. रूपेश कुमार, जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान सभी तैयारियों की समीक्षाएं और स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। लोगों में कांवड़ यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह, उन्माद और जुनून हैं। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी कांवड़ियों पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी।
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