बजट सत्र में गूंजी आलीराजपुर की आवाज़
विधायक सेना महेश पटेल ने नगर विकास और कर्मचारियों के हक़ पर सरकार को घेरा
अलीराजपुर, सेना महेश पटेल ने मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आलीराजपुर नगर की ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया। बजट पर चर्चा के बीच उन्होंने स्पष्ट कहा कि आदिवासी बहुल और पिछड़े जिलों की मूलभूत आवश्यकताओं को प्राथमिकता दिए बिना समग्र विकास संभव नहीं है।
विधायक पटेल ने सदन में नगरपलिका भवन के निर्माण की शीघ्र स्वीकृति की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि एक व्यवस्थित प्रशासनिक भवन से नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी। साथ ही श्री राम गौशाला भवन के विकास, गौशाला ब्रिज के निर्माण तथा अन्य लंबित कार्यों को तत्काल स्वीकृति देने की बात मजबूती से रखी।
उन्होंने नगरपालिका क्षेत्र में 500 आवासों की आवश्यकता को भी गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि बढ़ती आबादी के अनुरूप आवास सुविधा उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है, ताकि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन मिल सके।
बजट चर्चा के दौरान विधायक सेना महेश पटेल ने नगरपालिका कर्मचारियों के हितों का मुद्दा अत्यंत संवेदनशीलता के साथ उठाया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी और अन्य कर्मचारी सुबह से ही नगर की स्वच्छता और स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में विशेष योगदान देते हैं। वे प्रतिदिन तड़के उठकर सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई करते हैं, जिससे आमजन को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मठ कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलना उनका अधिकार है, न कि उपकार। नियमित और आउटसोर्स कर्मचारियों को वेतन में देरी होने से आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वेतन भुगतान की प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी हो।
सदन में अपने वक्तव्य के दौरान उन्होंने कहा —
“आलीराजपुर नगर पालिका का विकास और कर्मचारियों का सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जो कर्मचारी सुबह से नगर को स्वच्छ और स्वस्थ रखते हैं, उनके अधिकारों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है।”
बजट सत्र में उनका यह हस्तक्षेप न केवल नगर विकास बल्कि कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों की सशक्त आवाज़ के रूप में देखा जा रहा है।