CURATED BY – BHAGWAN DAS BERAGI | CITYCHIEFNEWS

शाजापुर, न्यायालय के आदेश को नहीं मानना और मनमाने ढंग से कार्रवाई करना शाजापुर के अधिकारियों की आदत बन गई है। यही कारण है कि न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश दिए जाने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने मनमाने पूर्ण ढंग से गोपाल गौशाला की दुकानों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई कर दी, जिस पर अधिकारियों को विरोध का सामना करना पड़ा और कार्रवाई रोकना पड़ी। दरअसल प्रशासन के द्वारा नई सडक़ स्थित गोपाल गौशाला की 16 दुकानों को जर्जर मानते हुए 24 घंटे में खाली करने का नोटिस दिया गया था, जिस पर दुकानदारों के द्वारा स्थगन आदेश शाजापुर न्यायालय से लाया गया था, लेकिन बावजूद इसके बुधवार को एसडीएम मनीषा वास्कले, नगरपालिका अधिकारी मधु सक्सेना पुलिस बल लेकर मौके पर जा पहुंचीं और दो दुकानों को बुलडोजर चलाकर जमीदोज करना शुरू कर दिया।  दो दुकानों को मिट्टी का ढेर बनाने के बाद अन्य दुकानदारों से भी तुरंत दुकानों से सामान बाहर निकालने का कहते हुए कार्रवाई की बात कही। न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद की जा रही कार्रवाई की जानकारी लगने पर अभिभाषक नरेंद्र तिवारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को गलत बताते हुए विरोध किया। इस पर एसडीएम और  अभिभाषक के बीच बहस भी हुई और अंत में एसडीएम ने अभिभाषक को थाने ले जाने का फरमान सुना दिया। हालांकि पुलिस अभिभाषक को अपने साथ ले गई और बाद में वापस छोड़ दिया। अभिभाषक तिवारी ने बताया कि जिला न्यायालय द्वारा दुकानों के तोडऩे पर स्थगन आदेश दिया गया है, परंतु अधिकारियों ने मनमाने ढंग से कार्रवाई कर न्यायालय के आदेश की अवमानना की जिसको लेकर अब कोर्ट में केस दायर कराया जाएगा।
कार्रवाई पर बोलने से बचते नजर आए अधिकारी
गोपाल गौशाला की दुकानों के जर्जर होने की बात कहते हुए प्रशासन ने दुकानदारों को नोटिस जारी कर 24 घंटे में दुकानें खाली करने का अल्टीमेटम दिया। दुकानदारों ने प्रशासन के इस आदेश पर न्यायालय से स्थगन आदेश मांगा। न्यायालय ने विवादित दुकानों की स्थिति यथावथ रखने की बात कहते हुए स्थगन आदेश दे दिया, किंतु बावजूद इसके एसडीएम मनीषा वास्कले और नपा अधिकारी मधु नायक ने बुलडोजर लेकर कार्रवाई शुरू कर दी। कार्रवार्ई का विरोध होने पर अधिकारी मौके से गायब हो गए और कुछ भी कहने से बचते नजर आए। अधिकारियों को अभिभाषक ने जमकर खरी-खौटी सुनाई।