मैहर/सतना, गुरु पूर्णिमा का पावन महापर्व इस वर्ष श्री मानसपीठ खजुरीताल में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। लगभग एक शताब्दी पुरानी गुरु परंपरा के इस प्रतिष्ठित आध्यात्मिक केंद्र में जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री रामललादास जी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। पूरे आश्रम परिसर में वेद मंत्रों की गूंज, भक्ति संगीत, गुरु वंदना और जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें आश्रम में देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया तथा गुरु कृपा का आशीर्वाद प्राप्त किया। आश्रम को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्सव के रंग में सराबोर दिखाई दिया।

पूर्वाचार्यों के पूजन से हुआ महोत्सव का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ पूज्य गुरुदेव द्वारा आश्रम के पूर्वाचार्यों के पूजन एवं वंदन से हुआ। इसके पश्चात श्री मानसपीठ परिवार और उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरु पूजन, आरती एवं गुरु वंदना कर गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त की। भजन-कीर्तन एवं धार्मिक अनुष्ठानों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

'गुरु ही अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाने वाले पथप्रदर्शक'

अपने आशीर्वचन में जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री रामललादास जी महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा, समर्पण और आत्मिक उन्नति का महोत्सव है। गुरु ही मनुष्य के जीवन से अज्ञान का अंधकार दूर कर धर्म, ज्ञान और आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु के बिना जीवन का वास्तविक उद्देश्य प्राप्त नहीं हो सकता।

महाराज श्री ने कहा कि लगभग 100 वर्ष प्राचीन श्री मानसपीठ खजुरीताल आश्रम गुरु परंपरा, साधना, सेवा और सनातन संस्कृति का जीवंत केंद्र है। यहां वर्षों से असंख्य श्रद्धालु आध्यात्मिक प्रेरणा प्राप्त करते आ रहे हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से गुरु के बताए मार्ग पर चलकर सेवा, संस्कार, धर्म और मानवता को अपने जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।

मिठाई से हुआ भव्य तुलादान बना आकर्षण का केंद्र

गुरु पूर्णिमा महोत्सव का सबसे आकर्षक और विशेष आयोजन धौरहरा निवासी श्री उमाकांत शुक्ला एवं उनके परिवार द्वारा पूज्य गुरुदेव भगवान का मिठाई से भव्य तुलादान रहा। इस दिव्य अनुष्ठान को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। तुलादान के पश्चात श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।

विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त किया। आश्रम के सेवकों एवं स्वयंसेवकों ने पूरे आयोजन के दौरान अनुशासित एवं व्यवस्थित व्यवस्था बनाए रखी, जिसकी श्रद्धालुओं ने सराहना की।

जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

महोत्सव में अमरपाटन विधायक डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह, रामपुर विधायक विक्रम सिंह "विक्की भैया", भोपाल डीएसपी बी.एम. द्विवेदी, सतना जेल अधीक्षक लीना कोस्टा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष डॉ. सुष्मिता सिंह, डॉ. पंकज सिंह परिहार, यू.के. तिवारी, सीधी जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू रामजी सिंह, जिला पंचायत सदस्य हरिशकांत त्रिपाठी, पूजा आशुतोष गुप्ता, जे.पी. शर्मा, रोहितकांत सिंह, कांग्रेस नेता मनोज मिश्रा (कोतमा), इंजीनियर एस.बी. सिंह, मंडल अध्यक्ष विकास तिवारी सहित मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ से आए अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, समाजसेवी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने पूज्य गुरुदेव के श्रीचरणों में उपस्थित होकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

सनातन संस्कृति और गुरु परंपरा का सशक्त संदेश

गुरु पूर्णिमा महोत्सव ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि गुरु परंपरा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। श्री मानसपीठ खजुरीताल में आयोजित यह भव्य आयोजन श्रद्धा, सेवा, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम बनकर श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय रहा। हजारों भक्तों की सहभागिता ने सिद्ध किया कि आज भी समाज में गुरु परंपरा के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास कायम है।