धार, मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं  प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती ममता जैन के मार्गदर्शन में दिनांक 25 जुलाई 2026 को सी.आई.एस. सॉफ्टवेयर एवं साईबर काईम विषय पर पैरालीगल वालेंटियर्स की दक्षता संवर्धन हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय परिसर-धार (म.प्र.) के सभाकक्ष में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें जिला धार के समस्त पैरालीगल वॉलेटियर्स भौतिक रूप से एवं म.प्र. राज्य के समस्त जिलों के पैरालिगल वॉलेटियर्स ऑनलाईन माध्यम से उपस्थित रहें।

उक्त शुभारंभ के अवसर पर  प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश  श्रीमती ममता जैन, सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश  सुनील कुमार जैन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती नताशा शेख पटेल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री प्रदीप सोनी, जिला रजिस्ट्रार श्री धर्म कुमार, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सिमोन सुलिया, चीफ एलएडीसीएस श्री सतीश ठाकुर एवं उनकी टीम एवं पैरालिगल वॉलेटियर्स उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण कार्यकम के प्रथम चरण में सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश  सुनील कुमार जैन द्वारा साईबर सुरक्षा, एवं पैरालिगल वॉलेटियर्स के दायित्व, विषय पर एक विशेष व्याख्यान दिया गया, जिसमें समस्त पैरालिगल वॉलेटियर्स जागरूक हुए।

उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस विभाग से उप पुलिस अधीक्षक श्री आनंद तिवारी के द्वारा ओटीपी धोखाधड़ी, यू.पी.आई. धोखाधड़ी सोशल मीडिया स्कैम, मॉलवेयर, जैसे विषयों पर जानकारी देकर प्रशिक्षित किया गया।

ई-गवर्नेस विभाग से श्रीमती रेखा अग्रवाल, वरिष्ठ प्रशिक्षक के द्वारा साईबर हाईजिन, एवं सेफ डिजिटल प्रेक्टिस, स्ट्रांग पासवर्ड, इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग, डेटा गोपनीयता व हेल्पलाईन नंबर 1930, नेशनल साईबर काईम रिपोर्टग पोर्टल, से संबंधित जानकारी दी गई।

सचिव  द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्य बताये गये, एवं शासन की कल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में सहायता करने हेतु प्रेरित किया गया। उक्त प्रशिक्षण का वेबकास्ट संपूर्ण म.प्र. के पैरालिगल वॉलेटियर्स के लिए किया गया। प्रशिक्षण में उपस्थित सभी पैरालीगल वालेंटियर्स को पहचान पत्र वितरित किये गये। उक्त कार्यक्रम के अंत में नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत उप पुलिस अधीक्षक श्री आनंद तिवारी द्वारा नशा मुक्ति की शपथ भी दिलवाई गई।