CURATED BY – BHAGWAN DAS BERAGI | CITYCHIEFNEWS

शाजापुर, गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में जिलेभर में विभिन्न सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए और इस दिन जहां भैरव मंदिरों में भेरू महाराज की सपरिवार पूजा की गई तो वहीं दूसरी तरफ कालेजों में गुरु-शिष्य परम्परा का निर्वहन किया गया। गुरु पूर्णिमा के मौके पर रविवार को स्थानीय बापू की कुटिया पर विगत पांच दिनों से आयोजित यज्ञ पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ। इसीके साथ नगर के अति प्राचीन नित्यानंद आश्रम में गुरु बापजी की चरण पादुका की पूजा-अर्चना की गई और बापजी की प्रतिमा का अभिषेक कर महाआरती कर प्रसादी का वितरण किया गया। वहीं स्थानीय भैरव डूंगरी पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा और सैकड़ों सीढिय़ां चढक़र बच्चे, बूढ़े, महिला और पुरूषों ने भैरव बाबा की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष भैरव डूंगरी पर विराजित नगर कोतवाल के नाम से प्रसिद्ध भैरव बाबा की गुरु पूर्णिमा पर विशेष चोला चढ़ाकर पूजा की जाती है और इसी पुरानी परंपरा के चलते गुरु पूर्णिमा के दिन भैरव डूंगरी पर भक्तों का दिनभर तांता लगा रहा और भेरू बाबा को भक्तों ने प्रसाद के रूप में मदिरा का भोग लगाया। पूर्णिमा के मौके पर नगर के अन्य भैरव मंदिरों में भी विशेष चोला चढ़ाकर महाआरती की गई। इसीके साथ बापू की कुटिया पर आयोजित पांच दिवसीय पंचकुंडीय महायज्ञ का भी पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ।

महागुरु स्वरूप में सजे ओंकारेश्वर

गुरु पूर्णिमा के मौके पर शहर के शिव मंदिरों में भी दर्शन-पूजन का दौर चलता रहा। इसी कड़ी में धानमंडी चौराहा स्थित ओंकारेश्वर महादेव का भात से मनोहारी श्रंगार किया गया। मंदिर पुजारी ओमप्रकाश गोस्वामी ने महादेव को गुरु पूर्णिमा के चलते महागुरु के स्वरूप में श्रंगारित किया जो भक्तों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहा। रात के समय बाबा की महाआरती कर प्रसादी का वितरण किया गया।