बाजार में फिर लगेगा बैठक शुल्क
दो माह बाद ही नगर पालिका ने बदला निर्णय, आज से होगी शुरूआत
Curated by - BAGHWAN DAS BERAGI | CITYCHIEFNEWS
शाजापुर, 5 अगस्त को पद्भार ग्रहण करने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष ने व्यापारियों को राहत देते हुए व्यापारियों से बाजार शुल्क न वसूले जाने की घोषणा की थी, लेकिन सोमवार को इस निर्णय को बदलते हुए अब नगर पालिका द्वारा बाजार में व्यापारियों से बैठक शुल्क दोबारा लिया जाएगा। जिसकी शुरूआत आज से की जाएगी।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम जैन द्वारा बाजार में व्यापारियों से बैठने शुल्क न लिए जाने की घोषणा की गई थी। नपाध्यक्ष के इस निर्णय का व्यापारियों ने स्वागत भी किया था, लेकिन अब नगर पालिका द्वारा 4 अक्टूबर से दोबारा शुल्क वसूले जाने के निर्देश दिए हैं। इसके पीछे नपा का कहना है कि पहले मुख्यमंत्री जी द्वारा घोषणा की गई थी कि ठेले चालकों और बाजार में बैठने वालों से बाजार शुल्क न लिया जाए, लेकिन इसके बाद से इस संबंध में कोई अधिकारिक पत्र हमें नहीं मिला है, जिसके चलते हमने दोबारा बाजार शुल्क लेने का निर्णय लिया है। यदि इसके बाद अधिकारिक पत्र हमें प्राप्त होगा तो उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
20 रू. है बाजार शुल्क
शाजापुर शहर में नगर पालिका की ओर से बाजार बैठक के रूप में सडक़ पर बैठकर, ठेला गाड़ी लगाकर और अस्थायी रूप से दुकान लगाकर सामान बेचने वालों से 20 रुपए शुल्क लिया जाता था। इसकी रसीद भी उन्हें दी जाती थी। लेकिन नई परिषद ने इसे न लेने का निर्णय लिया था, लेकिन अब दोबारा इसे वसूलने का निर्णय लिया गया है। पहले भी त्यौहारी सीजन में बाहर से आने वाले छोटे व्यापारियों से यह शुल्क नहीं लिया जाता था, लेकिन अब त्यौहारी सीजन में ही इसे दोबारा लिए जाने की शुरूआत की जा रही है।
रोजाना ढाई से तीन हजार का कलेक्शन
शाजापुर शहर में बाजार बैठक शुल्क के रूप में नगर पालिका को रोजाना करीब ढाई से तीन हजार रुपए की आय होती थी। ठेकेदार के माध्यम से यह शुल्क वसूला जाता था। ठेकेदार द्वारा इसके लिए कम्प्यूटरीकृत रसीद दी जाती थी। पहले यह शुल्क मात्र पांच रुपए था। समय के साथ यह भी बढ़ते-बढ़ते 20 रुपए तक पहुंच गया। नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम जैन ने बताया कि इससे नगर पालिका को करीब 9 लाख रू. सालाना की आय होगी।
देश
दुनिया
मनोरंजन
खेल
छत्तीसगढ
हरियाणा
दिल्ली
धार्मिक
व्यापार
टेक & ऑटो
शिक्षा
स्वास्थ्य
आंध्र प्रदेश
तेलंगाना
सिक्किम
ओड़िशा
झारखंड
असम
नागालैण्ड