अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के स्तर पर प्रशासनिक बदलावों का दौर जारी है। बुधवार, 2 सितंबर 2026 को ट्रस्ट की तीसरी बैठक हुई, जिसमें नए CEO, महासचिव, कोषाध्यक्ष और तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति का फैसला लिया गया। पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को ट्रस्ट का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बनाया गया है। वहीं, रिटायर्ड IFS अधिकारी कृष्ण मोहन ने कार्यवाहक महासचिव का पद छोड़ दिया है। उनकी जगह महाराज गोविंददेव गिरि को महासचिव बनाया गया है, जबकि महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति

ट्रस्ट में दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव को नए ट्रस्टी के रूप में शामिल किया गया है। इसके साथ ही विश्व हिंदू परिषद के पूर्व मीडिया प्रभारी शरद शर्मा को ट्रस्ट का प्रवक्ता नियुक्त किया गया। बैठक में मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रसाद समिति और परिक्रमा समिति गठित करने की घोषणा भी की गई।

चढ़ावा चोरी मामले के बाद शुरू हुआ बदलाव

ट्रस्ट में यह पुनर्गठन 7 जून को सामने आए चढ़ावा चोरी के मामले के बाद हो रहा है। इस मामले में आठ आरोपी जेल में हैं। इससे पहले 2 जुलाई को हुई बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किया गया था। इसके बाद रिटायर्ड IFS अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था। 26 जुलाई को नौ संतों की धार्मिक समिति का गठन किया गया और इसके बाद CEO पद के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई।

CEO पद के लिए 5,585 आवेदन, 16 उम्मीदवारों का इंटरव्यू

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 16 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में उम्मीदवारों के साक्षात्कार हुए। प्रत्येक उम्मीदवार से करीब 40 से 50 मिनट तक बातचीत की गई। इंटरव्यू पैनल में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, पूर्व वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी शामिल थे। सर्च कमेटी ने प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीन नाम ट्रस्ट के सामने रखे, जिनमें से पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र के नाम पर मुहर लगी।

कौन हैं नए ट्रस्टी?

महेश भागचंदका को विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल का रिश्तेदार बताया जाता है। वह 2020 में राम मंदिर भूमि पूजन के धार्मिक अनुष्ठानों में मुख्य यजमान रहे थे। 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान भी उन्होंने यजमान की भूमिका निभाई थी। वह कई किताबें भी लिख चुके हैं।

अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में रामलला की ओर से कानूनी पैरवी करने वाली टीम में शामिल रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि से जुड़े मामले में कानूनी पक्ष रखने में भूमिका निभाई थी।

शिकोहाबाद की निर्मला यादव लंबे समय से RSS से जुड़ी रही हैं। वह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य बनी हैं।

FIR में आठ लोगों के नाम

चढ़ावा चोरी मामले में दर्ज FIR में रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष और करुणेश को आरोपी बनाया गया है। इन पर गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

जून में सामने आया था चढ़ावे की चोरी का मामला

7 जून को पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने राम मंदिर के चढ़ावे से 5 से 7.5 करोड़ रुपये की चोरी का आरोप लगाया था। अगले दिन सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया के जरिए मामले को उठाया और जांच की मांग की। 9 जून को BJP नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर CBI और ED से जांच कराने की मांग की। इसी दिन मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने ट्रस्ट सदस्यों के साथ बैठक कर चढ़ावे की गिनती से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की।

10 जून को PMO ने ट्रस्ट से मामले पर रिपोर्ट मांगी थी। हालांकि, तत्कालीन महासचिव चंपत राय ने चढ़ावा चोरी के आरोपों को खारिज किया था। मंदिर के पूर्व अकाउंटिंग इंचार्ज महिपाल सिंह ने CCTV फुटेज को लेकर भी सवाल उठाए। इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए SIT गठित की और 25 जून को SIT ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया।

मंदिर निर्माण पर खर्च हो चुके हैं 2,475 करोड़ रुपये

13 दिसंबर 2025 को ट्रस्ट की बैठक में मंदिर निर्माण और अन्य कार्यों पर हुए खर्च का ब्यौरा सामने आया था। बताया गया था कि पिछले 5 साल 9 महीने में ट्रस्ट को कुल 4,575 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इनमें से मंदिर निर्माण, श्रीराम जन्मभूमि परिसर के विस्तार, जमीन और भवन खरीद सहित विभिन्न कार्यों पर 2,475 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। उस समय ट्रस्ट के पास करीब 2,100 करोड़ रुपये शेष बताए गए थे।